शिमला , मार्च 07 -- हिमाचल प्रदेश सरकार ने दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की संख्या कम होने की वजह से 10 सरकारी डिग्री कॉलेजों का विलय पास के संस्थानों में करने का फैसला किया है। इसका मकसद संसाधनों के सही इस्तेमाल और शिक्षकों की उपलब्धता को बेहतर बनाना है।
उच्च शिक्षा विभाग ने यह फैसला तब लिया जब पता चला कि कई महाविद्यालयों में बहुत कम विद्यार्थियों ने दाखिला लिया था। कम एडमिशन के कारण कई तरह की समस्याएं भी सामने आ रही थीं और स्टाफ का पूरा इस्तेमाल नहीं हो पा रहा था। जिन महाविद्यालयों का, दूसरे कॉलेजों में विलय किया जाएगा, उनमें पढ़ने वाले विद्यार्थियों को निकट के संस्थानों में दाखिला दिया जाएगा ताकि उनकी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के जारी रहे।
विलय के बाद इन संस्थानों में काम करने वाले शिक्षक और दूसरे स्टाफ को उन कॉलेजों में भेज दिया जाएगा जहां फैकल्टी की कमी है।
विलय के लिए पहचाने गए कॉलेजों में शिमला जिले के तीन कॉलेज हैं। इनमें टिक्कर में सिर्फ छह विद्यार्थी, कुपवी में 53 विद्यार्थी और ननखड़ी में 66 विद्यार्थी हैं। मंडी जिले के संधोल में 38 और कोटली में 70 विद्यार्थी पढ़ते हैं। कांगड़ा जिले के हरिपुर गुलेर में 32, जबकि मुल्थान में 59 विद्यार्थी पढ़ते हैं। चंबा ज़िले के भलेई कॉलेज में 19 विद्यार्थी हैं, सोलन ज़िले के जयनगर में 68 विद्यार्थी हैं, और लाहौल-स्पीति ज़िले के कुकुमसेरी में 40 विद्यार्थी हैं।
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