शिमला , फरवरी 02 -- हिमाचल प्रदेश सड़क परिवहन निगम (एचआरटीसी) ने सोमवार को स्पष्ट किया है कि निगम की बसों में कार्ड आधारित प्रणाली अभी तक लागू नहीं की गई है इसलिए रियायती दरों पर यात्रा करने वाली महिलाओं एवं अन्य यात्रियों को हिमाचल बस कार्ड के बिना भी यात्रा करने पर बस किराए में 50 प्रतिशत की छूट मिलती रहेगी।

एचआरटीसी प्रबंधन ने कहा कि हिमाचल बस कार्ड प्रणाली को लागू करने का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा जा चुका है। यह कार्ड तभी अनिवार्य होगा जब सरकार की ओर से औपचारिक आदेश जारी किए जाएंगे और तब तक किराए में छूट देने की मौजूदा व्यवस्था जारी रहेगी।

सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों का खंडन करते हुए, निगम ने स्पष्ट किया कि हिमाचल बस कार्ड प्राप्त करने की अंतिम तिथि 31 जनवरी नहीं थी और आने वाले दिनों और महीनों में कार्ड जारी होते रहेंगे। फिलहाल राज्य में केवल लगभग 75,000 हिमाचल बस कार्ड जारी किए गए हैं जबकि रियायती यात्रा का लाभ उठाने वाले यात्रियों विशेष रूप से महिलाओं की संख्या कहीं अधिक है।

आवेदन की अंतिम तिथि 31 जनवरी बताने वाली गलत सूचना के कारण पिछले कुछ दिनों में हिमाचल प्रदेश के बस स्टैंडों पर महिलाओं एवं रियायत के पात्र अन्य यात्रियों की भारी भीड़ देखी गई। कई लोगों में इस डर से कार्ड के लिए आवेदन करने की होड़ लग गई कि एक फरवरी से 50 प्रतिशत किराया रियायत समाप्त हो जाएगी।

एचआरटीसी के प्रबंध निदेशक डॉ. निपुण जिंदल ने कहा कि हालांकि रियायती दरों पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए हिमाचल बस कार्ड अंततः अनिवार्य हो जाएगा लेकिन इसे सरकार के स्पष्ट निर्देशों के बिना लागू नहीं किया जा सकता है।

अपने पहले के बयानों को स्पष्ट करते हुए प्रबंध निदेशक ने कहा कि महिलाओं के लिए किराए में दी जाने वाली छूट एक फरवरी से वापस नहीं ली जाएगी, जैसा कि अटकलें लगाई जा रही थीं। यह छूट तब तक लागू रहेगी जब तक सभी पात्र महिलाओं को हिमाचल बस कार्ड नहीं मिल जाता। पुलिसकर्मियों को इस शर्त से छूट दी गई है और वे कार्ड के बिना भी रियायती यात्रा का लाभ उठाते रहेंगे।

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