शिमला , मार्च 25 -- हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने बुधवार को वर्तमान बजट सत्र के दौरान महिला विधायकों की भागीदारी की गुणवत्ता की सराहना की और विधायी प्रदर्शन में उत्कृष्टता को मान्यता देने के लिए "सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार" शुरू करने की योजना की घोषणा की।

श्री पठानिया ने सदन को संबोधित करते हुए कहा कि अनुराधा राणा, कमलेश ठाकुर और अन्य पहली बार के विधायकों के योगदान से वह विशेष रूप से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि उनके वाद-विवाद का स्तर, स्पष्ट अभिव्यक्ति और कार्यवाही में सक्रियता एक स्वस्थ लोकतांत्रिक संस्कृति को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित पुरस्कार में वाद-विवाद की गुणवत्ता, चर्चाओं में भागीदारी और विधानसभा में कुल उपस्थिति जैसे मुख्य मानकों को ध्यान में रखा जाएगा। इस पहल का उद्देश्य विधायकों को संसदीय आचरण और विचार-विमर्श में उच्च मानक बनाए रखने के लिए प्रोत्साहित करना है।

अध्यक्ष ने अतीत के उदाहरणों को याद करते हुए कहा कि वरिष्ठ नेताओं मुकेश अग्निहोत्री और आशा कुमारी को पहले सदन में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन, विशेष रूप से उनके प्रभावी वाद-विवाद कौशल और निरंतर उपस्थिति के लिए सम्मानित किया जा चुका है।

श्री पठानिया ने सूचित किया कि पुरस्कार के लिए चयन विधानसभा सत्रों के दौरान तैयार की गई विस्तृत प्रदर्शन रिपोर्टों के आधार पर आधारित होगा, जिससे एक निष्पक्ष और पारदर्शी मूल्यांकन प्रक्रिया सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस तरह की मान्यता सभी दलों के सदस्यों को विधायी कार्यों में अधिक सार्थक योगदान देने और सदन की गरिमा बनाए रखने के लिए प्रेरित करेगी।

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