हमीरपुर, 03अप्रैल (वार्ता) हिमाचल प्रदेश खाद्य आयोग के अध्यक्ष डॉ. एस.पी. कात्याल ने हमीरपुर जिले में राशन डिपो, गोदामों, आटा मिलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, स्कूलों, वृद्धाश्रमों और कई अन्य संस्थानों का निरीक्षण किया है।

डॉ. कात्याल ने शुक्रवार को अपने चार दिवसीय जिला दौरे के समापन पर यहां विश्राम गृह में एक पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि इस विस्तृत निरीक्षण के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत लागू की जा रही विभिन्न योजनाओं का जमीनी स्तर पर मूल्यांकन किया।

उन्होंने कहा कि निरीक्षण के दौरान सभी योजनाओं का क्रियान्वयन संतोषजनक पाया गया, फिर भी उन्होंने खाद्य वस्तुओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और आम उपभोक्ताओं तक उनकी आपूर्ति में सुधार लाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के संबंध में विशिष्ट निर्देश जारी किए हैं।

डॉ. कात्याल ने इस बात पर जोर दिया कि उन्होंने सभी राशन डिपो में उचित भंडारण, सटीक वितरण और स्वच्छता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इन डिपो के भीतर का वातावरण स्वच्छ, सुविधाजनक और आधुनिक वाणिज्यिक प्रतिष्ठान के अनुरूप व्यवस्थित होना चाहिए। इन स्थानों पर उपभोक्ताओं के लिए सहायता नंबर और शिकायत नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित किए जाने चाहिए, ताकि खाद्यान्न के संबंध में कोई समस्या होने पर वे तुरंत अपनी शिकायत दर्ज करा सकें। यदि कोई उचित दर की दुकान अनुकरणीय तरीके से संचालित की जा रही है, तो उसके लिए आईएसओ प्रमाणन की सिफारिश भी की जा सकती है। आंगनवाड़ी केंद्रों और स्कूलों में मध्याह्न भोजन तैयार करने वाली रसोई में स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए; यहाँ भी सभी प्रासंगिक सहायता और शिकायत नंबर प्रमुखता से प्रदर्शित होने चाहिए।

उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत आटा मिलों को आवंटित गेहूं की पिसाई के दौरान कड़ी निगरानी सुनिश्चित करने के लिए एक प्रभावी तंत्र स्थापित किया जाना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि एक वृद्धाश्रम के निरीक्षण के दौरान कुछ खाद्य वस्तुएं अपनी उपयोग की अवधि (एक्सपायरी डेट) समाप्त होने के बाद भी पाई गईं, जिन्हें नष्ट करने के लिए तत्काल निर्देश जारी किये गये हैं।

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