हमीरपुर , दिसंबर 16 -- हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुखू ने नशाखोरी के खिलाफ यहां वॉकाथॉन का आयोजन किया जिसमें इसमें पार्टी नेता, जिला स्तरीय अधिकारी और विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के हजारों छात्रों ने भाग लिया।

वॉकथॉन शहीद कैप्टन मृदुल शर्मा स्मृति उच्च माध्यमिक बाल विद्यालय के मैदान से शुरू हुआ और नादौन चौक, गांधी चौक, मेन बाजार और भोटा चौक होते हुए पुलिस मैदान, दोसरका में खत्म हुआ।विद्यालय के मैदान में पहले मुख्यमंत्री समेत सभी प्रतिभागियों ने ड्रग्स के गलत इस्तेमाल का विरोध करने की शपथ ली। इसके बाद वॉकाथॉन को हरी झंडी दिखाई गयी।

दोसारका पुलिस मैदान में रैली को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक ''चिट्टा'' (अफीम की भांग/हेरोइन) के खिलाफ अभियान को एक जन आंदोलन में नहीं बदला जाता। नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई तब तक संभव नहीं है।

श्री सुखू ने कहा, "सरकार का स्पष्ट उद्देश्य हिमाचल प्रदेश को नशा मुक्त बनाना है। इस लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने चिट्टे को जड़ से खत्म करने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है। इसमें जनता की भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है।"उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि वे पुलिस और राज्य सरकार की मदद करें, ताकि समाज से नशे को खत्म किया जा सके और नशे के आदी लोगों को पुलिस के हवाले किया जा सके।

नशे के खिलाफ सरकार का यह तीसरा वॉकाथॉन था। इससे पहले शिमला और धर्मशाला में इसी तरह के आयोजन किये गये थे।

उन्होंने कहा कि लोगों को नशे के बुरे प्रभावों के बारे में बताने के लिए इस तरह के वॉकाथॉन राज्य के अन्य हिस्सों में भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि इस समस्या को हमेशा के लिए समाप्त करने का तरीका समझाया जा सके।

रैली में मौजूद लोगों ने चिट्टे विरोधी नारे लगाये और हाथों में प्लेकार्ड, बैनर और झंडे लेकर हिस्सा लिया।

पुलिस ऑर्केस्ट्रा ''हार्मनी ऑफ पाइन्स'' ने गांधी चौक और भोटा चौक पर प्रतिभागियों को प्रेरित किया और उनका मनोरंजन भी किया।

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