भदोही , जनवरी 15 -- जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में आयोजित हिमटेक्स्टिल-2026 में ट्रंप टैरिफ का व्यापक असर देखा गया। अन्तर्राष्ट्रीय मेले में अमेरिकी खरीददारों के उदासीन रवैए से भारतीय कालीन कारोबारियों की दिक्कतें बढ़ी हैं।
जर्मनी के फ्रैंकफर्ट में 13 जनवरी से 16 जनवरी के बीच अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले का आयोजन चल रहा है। जिसमें फ्रांस, इटली, डेनमार्क, स्पेन, फिनलैंड, स्वीटजरलैंड, नार्वे, इंग्लैंड, पुर्तगाल, इटली, ग्रीस, पुर्तगाल, तुर्की व खाड़ी सहित तमाम देशों के कालीन कारोबारी भाग ले रहे हैं।
कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) पैवेलियन में भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों की समृद्ध विरासत, विविधता एवं उत्कृष्ट कारीगरी - शिल्पकला का भव्य प्रदर्शन किया जा रहा है। इसमें देश के प्रमुख कालीन उत्पादन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व करते हुए कुल 50 सदस्य निर्यातकों की सहभागिता हो रही। इस अवसर पर उपस्थित क्रेताओं ने विभिन्न भारतीय स्टालों का भ्रमण कर प्रदर्शकों से संवाद किया तथा भारतीय कारीगरों द्वारा प्रदर्शित नवाचारी डिज़ाइनों एवं सतत शिल्पकला की सराहना की।
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