उदयपुर , मार्च 03 -- विश्व की सबसे बड़ी जिंक उत्पादक और चांदी के वैश्विक शीर्ष पांच उत्पादकों में से एक, हिन्दुस्तान जिंक लिमिटेड में कर्मचारियों की कुल संख्या में अब 26.3 प्रतिशत महिला कार्मिक हैं, जो देश में धातु और खनन क्षेत्र में सबसे अधिक है।

मंगलवार को कंपनी द्वारा राजस्थान में उदयपुर में जारी विज्ञप्ति में कहा है कि यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसे पारंपरिक रूप से पुरुषों का काम माना जाता रहा है। कंपनी में अब 745 से अधिक महिलाएं कार्यरत हैं, जिनमें 314 से अधिक महिला इंजीनियर शामिल हैं। ये महिलाएं भूमिगत खदानें, भट्टियां और तकनीकी कार्यों जैसी प्रमुख भूमिकाओं में कार्य कर रही हैं।

कंपनी ने बताया कि महिलाओं को अग्रिम महत्वपूर्ण स्थानों पर जिम्मेदारियों में शामिल करके एक बड़ा बदलाव किया गया है। कंपनी ने पहली बार महिलाओं को खदानों के भीतर, रात्रि पारी में और भूमिगत खदानों में राहत दलों में शामिल करने जैसी अनूठी पहल की है। रोबोटिक्स, स्वचालन के उपयोग ने खनन कार्य को और अधिक सुरक्षित बनाया है, जिससे महिलाएं इन तकनीकी क्षेत्रों में बढ़-चढ़कर अपना करियर बना रही हैं।

कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण मिश्रा ने बताया कि खनन में महिलाओं को सशक्त बनाना केवल समानता की बात नहीं है, यह हमारे भविष्य के लिए एक रणनीतिक आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि हर प्रतिभाशाली महिला को बढ़ने का मौका मिले। हमारा लक्ष्य 2030 तक 30 प्रतिशत लैंगिक विविधता हासिल करना है और हम एक ऐसा कार्यस्थल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं जहाँ लैंगिक समानता ही नवाचार का आधार हो।

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