, March 4 -- बाराबंकी 04 मार्च (वार्ता7 उत्तर प्रदेश में बाराबंकी के देवा शरीफ में आज एक बार फिर सदियों पुरानी परंपरा के अंतर्गत होली में भाईचारे का संदेश दिया, हिंदू-मुस्लिम ने एक साथ हाजी वारिस अली शाह की दरगाह पर रंग खेला गयाजिला मुख्यालय से लगभग 15 किलोमीटर दूर देवा शरीफ में हिंदू और मुसलमानों ने मिलकर होली मनाई और पूरे देश को सौहार्द का संदेश दिया। जिले की यह सदियों पुरानी परंपरा हैबाराबंकी के देवा कस्बे से सौहार्द्र और आपसी भाईचारे का अनुपम संदेश पूरे देश को दिया है। यहां स्थित सूफी संत हाजी वारिस अली शाह की दरगाह पर हिंदू-मुस्लिम एक साथ मिलकर रंगों का त्योहार मानते हैं। इस अनूठी परंपरा ने न केवल धार्मिक सहिष्णुता की मिसाल पेश की है, बल्कि पूरे प्रदेश में गंगा-जमुनी तहजीब का संदेश भी दिया है।
देवा कस्बे में यह परंपरा सदियों पुरानी है। संत हाजी वारिस अली शाह ने अपने जीवनकाल में 'जो रब है वही राम है' का संदेश दिया था, जो आज भी यहां की आबोहवा में बसा हुआ है। उनकी दरगाह पर हिंदू-मुस्लिम समेत सभी धर्मों के लोग सिर झुकाने आते हैं।होली के मौके पर यह स्थान और भी खास बन जाता है, जब दरगाह परिसर में श्रद्धालु और जायरीन चाहे वे हिंदू हों या मुस्लिम एक साथ रंगों में सराबोर हो जाते हैं। इस पल को कैमरे में कैद करने के लिए दूर-दूर से लोग यहां पहुंचते हैं।
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