पटना , नवंबर 15 -- बिहार में इस बार के विधानसभा चुनाव में ऐड़ी-चोटी का जोर लगाने के बावजूद चार अलग-अलग दलों के प्रदेश अध्यक्ष हार गये।
बिहार विधानसभा चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में शामिल चार दल और महागठगंधन में शामिल दो दलों के प्रदेश अध्यक्षों ने अपनी किस्मत आजमायी। राजग के घटक जनता दल यूनाईटेड (जदयू), हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमो) के अध्यक्षों ने चुनावी संग्राम में अपनी किस्मत आजमायी। महागठबंधन में शामिल कांग्रेस और विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के दो अध्यक्ष चुनावी रण में ताल ठोकने के लिये उतरे। जदयू और लोजपा (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्षों को जीत मिली जबकि हम और रालोमो के प्रदेश अध्यक्षों को हार का सामना करना पड़ा। कांग्रेस और वीआईपी के प्रदेश अध्यक्ष वीआईपी बनने से चूक गये, यानी उन्हें भी हार का सामना करना पड़ा।
महनार विधानसभा सीट से जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश सिंह कुशवाहा ने चुनावी अखाड़े में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) उम्मीदवार रवीन्द्र कुमार सिंह को पराजित कर दिया।
श्री कुशवाहा ने वर्ष 2015 में भी इस सीट से जीत दर्ज की थी हालांकि वर्ष 2020 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
गोविंदगंज विधानसभा सीट से पूर्व बाहुबली विधायक राजन तिवारी के बड़े भाई और लोजपा (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने चुनाव लड़ा और कांग्रेस के प्रत्याशी शशि भूषण राय को शिकस्त दे दी।राजू तिवारी ने इस सीट पर वर्ष 2015 के चुनाव में जीत दर्ज की थी। वर्ष 2020 के चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
टिकारी विधानसभा सीट पर हम के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार ने चुनावी दंगल में ताल ठोका। हालांकि श्री कुमार को राष्ट्रीय जनता दल (राजद) उम्मीदवार अजय कुमार ने चुनावी दंगल में धूल चटा दी। श्री कुमार ने वर्ष 2010 और 2020 में इस सीट पर जीत दर्ज की थी लेकिन वर्ष 2015 में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था।
पारू विधानसभा सीट से रालोमो के प्रदेश प्रभारी अध्यक्ष मदन चौधरी ने भाग्य आजमाया, हालांकि उन्हें राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रत्याशी शंकर प्रसाद ने मात दे दी।
कुटुबा (सुरक्षित) सीट से कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक राजेश राम चुनावी रण में फिर से जीत के इरादे से उतरे, हालांकि उन्हें हम उम्मीदवार ललन राम ने मात दे दी। कांग्रेस उम्मीदवार राजेश राम ने वर्ष 2015 और वर्ष 2020 में लगातार दो बार यहां जीत दर्ज की है। पूर्व मंत्री दिलकेश्वर राम के पुत्र राजेश राम इस सीट पर हैट्रिक लगाने से चूक गये।
चैनपुर सीट से विकासशील इंसान पार्टी (वीआईपी) के टिकट पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष बाल गोविन्द बिन्द भी चुनावी अखाड़े में उतरे थे लेकिन उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा। जदयू उम्मीदवार और बिहार सरकार में अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ने जीत हासिल की। वीआईपी के प्रदेश अध्यक्ष श्री बिंद को सातवें नंबर पर संतोष करना पड़ा।
अमौर विधानसभा सीट से ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक अख्तरूल इमान भी चुनावी अखाड़े में जोर आजमाइश के लिए उतरे थे। एआईएमआईएम के प्रदेश अध्यक्ष श्री इमान ने जदयू उम्मीदवार सफा जफर को पराजित कर दिया।
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