चंडीगढ़ , अप्रैल 06 -- चंडीगढ़ शहर में हाउसिंग बोर्ड ने अवैध निर्माण और सरकारी जमीन पर कब्जोंके खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार को सेक्टर-45 में टीम भारी पुलिस बल के साथ पहुंची और चार मकानों पर डिमोलिशन की कार्रवाई शुरू की। इस दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया, जिन्हें पुलिस हिरासत में लेने के बाद कार्रवाई आगे बढ़ाई गयी।
हाउसिंग बोर्ड की इस मुहिम से शहर के कई सेक्टर प्रभावित हो रहे हैं। जानकारी के अनुसार सेक्टर 41-ए, 41-डी, 45-ए, 45-सी, 45-डी, 46, 47-सी, 39-बी और 29-बी के निवासी इस कार्रवाई के दायरे में हैं। जिन लोगों ने नोटिस के बावजूद स्ट्रक्चरल सेफ्टी सर्टिफिकेट जमा नहीं किया, उनके खिलाफ सख्त कदम उठाये जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि एक दिन पहले सेक्टर-41 में इस मुद्दे पर बैठक भी हुई थी, जिसमें भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेता शामिल हुए। बैठक में सर्वदलीय कमेटी बनाकर प्रशासन से बातचीत का फैसला लिया गया था, लेकिन उससे पहले ही डिमोलिशन ड्राइव शुरू कर दी गयी।
यह मामला सीडब्ल्यूपी नंबर 2309 ऑफ 2014 से जुड़ा है। पंजाब- हरियाणा उच्च न्यायालय ने 21 अप्रैल 2022 को आदेश दिया था कि जिन मकानों में पिलर, फाउंडेशन या बालकनी से छेड़छाड़ कर संरचना कमजोर की गई है, उन्हें एक महीने के भीतर ठीक किया जाये और सुरक्षा सुनिश्चित की जाये।
हाउसिंग बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यदि मरम्मत का काम बोर्ड द्वारा कराया जाता है, तो उसका पूरा खर्च संबंधित मकान मालिकों से वसूला जाएगा। कार्रवाई के चलते प्रभावित क्षेत्रों में लोगों में चिंता और असंतोष का माहौल बना हुआ है।
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