भिण्ड , फरवरी 22 -- मध्यप्रदेश के भिण्ड-ग्वालियर हाईवे क्रमांक 719 पर छीमका गांव के समीप हुए भीषण सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत के बाद जनआक्रोश बढ़ गया है। इस घटना के बाद संत समाज ने हाईवे चौड़ीकरण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर फिर से आंदोलन का एलान किया है।
संत समिति के जिला अध्यक्ष कालिदास महाराज घटनास्थल पर पहुंचे और हालातों का निरीक्षण किया। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर निर्दोष लोगों की जान कब तक जाती रहेगी। उनका कहना था कि केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य दिखाई देना चाहिए।
कालिदास महाराज ने घोषणा की कि हाईवे चौड़ीकरण और सुरक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर बड़ा और चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आर-पार की लड़ाई होगी और जब तक हाईवे विस्तार का कार्य शुरू नहीं होता, आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर समाजसेवियों की बैठक बुलाई गई है। 27 फरवरी को जिले भर के आंदोलनकारी मेहगांव के हनुमान मंदिर पर एकत्रित होंगे, जहां से आंदोलन की औपचारिक शुरुआत की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल एक दिन का प्रदर्शन नहीं होगा, बल्कि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित होने तक संघर्ष जारी रहेगा।
संत समिति अध्यक्ष ने हाल ही में भिण्ड बायपास पर आकाश भदौरिया की मौत के बाद हुए चक्का जाम और दर्ज एफआईआर का उल्लेख करते हुए कहा कि लोगों की सुरक्षा के लिए यदि जरूरत पड़ी तो हर चौराहे पर चक्का जाम किया जाएगा। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब तक चौड़ीकरण और निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तब तक टोल वसूली क्यों की जा रही है। पहले सड़क को सुरक्षित बनाया जाए, उसके बाद ही टोल लिया जाए।
इस हादसे में सात लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। संत समाज ने घायलों के बेहतर उपचार और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक जिम्मेदार एजेंसियां ठोस कदम नहीं उठातीं, आंदोलन जारी रहेगा।
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