नैनीताल , मार्च 11 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने पिथौरागढ़ जिले की तहसील थल के ग्राम सुनेती में वन विभाग और सरकारी भूमि पर बिना अनुमति के बनाई जा रही सड़क निर्माण को लेकर दायर जनहित याचिका पर बुधवार को सुनवाई करते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने और प्रमुख सचिव वन को प्रगति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिया।
अदालत ने विपक्षी कृष्णा जोशी व मोहन जोशी को भी नोटिस जारी किया है। साथ ही खंडपीठ ने सड़क निर्माण पर रोक लगाते हुए केंद्र सरकार से भी पूछा कि ऐसी घटनाओं को कैसे रोका जा सकता है। इस मामले में अगली तिथि पर कोर्ट का मार्गदशन करें। इस प्रकरण में अगली सुनवाई अप्रैल में होगी।
मामले के अनुसार पिथौरागढ़ जिले की तहसील थल के ग्राम सुनेती निवासी भास्कर चंद्र जोशी ने जनहित याचिका दायर कर कहा है कि सुनेती गांव मे वन विभाग की जमीन और सरकारी भूमि को काट कर बिना अनुमति के अवैध रूप से सड़क का निर्माण किया जा रहा है। पेड़ों की भी कटाई की जा रही है।
वन भूमि में सड़क निर्माण के लिए न तो पर्यावरण बोर्ड से अनुमति ली गई और न ही भारत सरकार व उत्तराखंड सरकार से अनुमति ली गई है जो नियमों का उल्लंघन है। ग्रामीणों ने इस सम्बन्ध में तहसील में शिकायत की लेकिन कोई कार्यवाही नही हुई। जनहित याचिका में अदालत से प्रार्थना की गई है कि सड़क निर्माण पर रोक लगाई जाय।
अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए अपने निर्णय में कहा कि वन और राजस्व विभाग इसे रोकने में नाकाम रहा है। युगलपीठ ने पिथौरागढ़ के जिलाधिकारी को निर्देश दिया कि इस मामले की जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई करें।
साथ ही प्रमुख सचिव वन को निर्देश दिया कि वह दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर रिपोर्ट पेश करें। युगलपीठ ने निजी प्रतिवादियों को भी नोटिस जारी किया है।
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