भोपाल , दिसम्बर 19 -- मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को लेकर लंबे समय से चली आ रही अनियमितताओं के बाद माननीय उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप से नर्सिंग काउंसिल ने पीजी कोर्स पोस्ट बीएससी नर्सिंग एवं एमएससी नर्सिंग की काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। यह काउंसलिंग 19 से 30 दिसंबर तक आयोजित की जाएगी। यह आदेश एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार की याचिका पर दिया गया, जिससे प्रदेश के हजारों नर्सिंग विद्यार्थियों को राहत मिली है।
रवि परमार ने कहा कि नर्सिंग घोटाले के बाद से मध्यप्रदेश में नर्सिंग शिक्षा व्यवस्था लगातार कमजोर हुई है। बीते तीन वर्षों से नर्सिंग की बड़ी संख्या में सीटें खाली पड़ी हैं। सत्र 2023-24 में विभागीय लापरवाही के कारण जीरो ईयर घोषित करना पड़ा, जबकि 2024-25 में केवल 25 से 30 प्रतिशत सीटों पर ही प्रवेश हो सका। सत्र 2025-26 में भी काउंसलिंग में देरी से वही स्थिति बनने की आशंका थी, जिसके खिलाफ एनएसयूआई को न्यायालय का सहारा लेना पड़ा।
उन्होंने कहा कि प्रशासनिक लापरवाही के चलते हजारों विद्यार्थी अन्य राज्यों में पलायन करने को मजबूर हुए हैं। जो छात्र मध्यप्रदेश में ही अध्ययन करना चाहते हैं, उन्हें हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक संघर्ष करना पड़ रहा है। एनएसयूआई ने हमेशा विद्यार्थियों के अधिकारों की लड़ाई लड़ी है और आगे भी लड़ेगी।
नर्सिंग काउंसिल द्वारा जारी काउंसलिंग कार्यक्रम के अनुसार 19 से 22 दिसंबर तक रजिस्ट्रेशन किया जाएगा। 23 दिसंबर को रिक्त सीटों की जानकारी और मेरिट सूची जारी होगी। 24 और 25 दिसंबर को चॉइस फिलिंग की प्रक्रिया चलेगी। 27 दिसंबर को प्रोविजनल अलॉटमेंट जारी किया जाएगा, जबकि 28 से 30 दिसंबर तक दस्तावेज सत्यापन और कॉलेज में रिपोर्टिंग की जाएगी।
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