वाराणसी , दिसंबर 17 -- धार्मिक नगरी काशी में हाइड्रोजन से चलने वाला देश का पहला यात्री जलयान गंगा में एक लकड़ी की नाव से टकरा गया, जिसके बाद बुधवार को आदमपुर थाने में इस संबंध में मुकदमा पंजीकृत किया गया।
11 दिसंबर को केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने नमो घाट से देश के पहले पूर्णतः स्वदेशी हाइड्रोजन ईंधन सेल आधारित यात्री जलयान के वाणिज्यिक संचालन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था।
बताया जा रहा है कि हाइड्रोजन से चलने वाला जलयान रामनगर स्थित मल्टीमॉडल टर्मिनल से वापस नमो घाट की ओर लौट रहा था। इसी दौरान एक लकड़ी की नाव जलयान से टकरा गई। टक्कर से हुए नुकसान का आकलन विशेषज्ञ कर रहे हैं। जलयान का संचालन करने वाली कंपनी की ओर से विभूति तिवारी ने थाने में तहरीर दी। साथ ही जलयान पर लगे सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंपा गया है।
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