नैनीताल , फरवरी 11 -- उत्तराखंड में हल्द्वानी दंगा के मुख्य साजिशकर्ता अब्दुल मलिक को बुधवार को उच्च न्यायालय से जमानत नहीं मिल पायी, जबकि न्यायालय ने इस मामले के तीन अन्य आरोपियों को राहत देते हुए जमानत दे दी।

हल्द्वानी दंगा के मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक समेत छह अन्य आरोपियों के जमानत प्रार्थना पत्र पर आज न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खंडपीठ में सुनवाई हुई।

आरोपी मलिक की ओर से कहा गया कि दंगा के दिन शहर में मौजूद नहीं था। उसे गलत फंसाया गया है। उसकी इस पूरे घटनाक्रम में कोई हाथ नहीं है। जबकि सरकार की ओर से कहा गया कि वह षड्यंत्र में शामिल था और 30 जनवरी को वह नोटिस जारी होने के दिन हल्द्वानी में मौजूद था।

अदालत ने आरोपी को फ़िलहाल राहत नहीं देते हुए सुनवाई के लिए अगले सप्ताह 18 फरवरी की तिथि तय कर दी। इसके अलावा आज न्यायालय से जिन लोगों को राहत मिली है उनमें मोकीन अहमद सैफी, रईश अहमद अंसारी उर्फ दत्तू और जियाउर्रहमान शामिल है।

बाकी अन्य आरोपियों की जमानत पर सुनवाई नहीं हो पायी। उल्लेखनीय है कि पिछले साल आठ फरवरी को हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अब्दुल के बगीचे से अतिक्रमण हटाने के दौरान दंगा भड़क गया था। आगजनी, गोलीबारी में पांच लोगों की मौत हो गयी थी।

मुख्य आरोपी अब्दुल मलिक समेत लगभग 100 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अधिकांश आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत मामले दर्ज किये गये थे। अब्दुल मलिक के खिलाफ अलग-अलग तीन मुकदमे दर्ज हैं।

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