नैनीताल , अप्रैल 17 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी में क्रिकेट लीग के आयोजन के नाम पर कथित धोखाधड़ी मामले में आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों को निरस्त करने की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए प्रतिवादी पूर्व विधायक नारायण पाल और अन्य को नोटिस जारी कर आपत्ति पेश करने को कहा।

धोखाधड़ी के आरोपी विकास ढाका की ओर से दायर याचिकाओं पर न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की पीठ सुनवाई हुई। आज सरकार की ओर से कहा गया कि दोनों मामलों में जांच जारी है। दूसरी ओर प्रतिवादी पाल की ओर से कहा गया कि आरोपी ने क्रिकेट लीग के नाम पर उसे सब्जबाग दिखाए। यह भी कहा गया कि क्रिकेट लीग में नामचीन क्रिकेट खिलाड़ियों के प्रतिभाग के नाम लाखों की ठगी की गई।

इसके बाद क्रिकेट लीग का आयोजन ही नहीं किया गया। क्रिकेट खिलाड़ी इरफान पठान और प्रवीण कुमार से जब क्रिकेट लीग में भाग लेने के संबंध में पूछा गया तो उन्होंने इनकार करते हुए कहा कि उनसे किसी ने संपर्क नहीं किया है।

इधर याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि उसके साथ पुलिस ने ज्यादती की है। उसे कोतवाली बुलाकर घंटों बैठाया गया और रात को गिरफ्तार कर लिया।

अंत में अदालत ने दोनों प्रतिवादियों नारायण पाल और हरियाणा निवासी हरेंद्र सिंह को नोटिस जारी कर दस दिन में आपत्ति पेश करने को कहा है।

यहां बता दें हल्द्वानी के गौलापार स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में प्रस्तावित एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग के नाम पर कुछ लोगों से लाखों रुपये की ठगी का आरोप है। आरोप है कि लीग के आयोजक और मुख्य आरोपी विकास ढाका ने तीन से 12 फरवरी के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के प्रतिभाग के नाम पर फ्रेंचाइजी खरीदने वालों से लाखों की धनराशि वसूल ली जबकि क्रिकेट लीग का आयोजन हो ही नहीं हुआ।

आरोप है कि सितारगंज के पूर्व विधायक नारायण पाल और हरियाणा निवासी हरेंद्र सिंह से करीब 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। दोनों की शिकायत पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर लिया।

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