नैनीताल , अप्रैल 10 -- उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी में क्रिकेट लीग के नाम पर कथित धोखाधड़ी और आरोपी के खिलाफ दर्ज मामलों को निरस्त करने की मांग को लेकर दायर याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए प्रदेश सरकार से जांच की प्रगति रिपोर्ट 17 अप्रैल तक अदालत में पेश करने के निर्देश दिए हैं।

आरोपी विकास हांडा की ओर से दायर याचिकाओं पर न्यायमूर्ति राकेश थपलियाल की पीठ सुनवाई हुई। खेल सचिव अमित सिन्हा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत में पेश हुए। उन्होंने अदालत को बताया कि उनका विभाग केवल खेल आयोजन के लिए मैदान उपलब्ध कराता है जबकि लीग का संचालन निजी कंपनियां करती हैं।

किसी प्रकार की अनियमितता या धोखाधड़ी होने पर पुलिस कार्रवाई का विकल्प होता है। सरकार की ओर से कहा गया कि जांच चल रही है। इसके बाद अदालत ने निर्देश दिए कि जांच की अभी तक की प्रगति रिपोर्ट अदालत में पेश करें।

मामले के अनुसार हल्द्वानी के गौलापार स्थित इंदिरा गांधी इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में प्रस्तावित एपिक विक्ट्री क्रिकेट लीग के नाम पर कुछ लोगों से लाखों रुपये की ठगी का आरोप है। आरोप है कि लीग के आयोजक और मुख्य आरोपी विकास ढाका ने तीन से 12 फरवरी के बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों के प्रतिभाग के नाम पर फ्रेंचाइजी खरीदने वालों से लाखों की धनराशि वसूल ली जबकि क्रिकेट लीग का आयोजन हो ही नहीं पाया।

आरोप है कि सितारगंज के पूर्व विधायक नारायण पाल और हरियाणा निवासी हरेंद्र सिंह से करीब 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई। दोनों की शिकायत पर पुलिस मुकदमा दर्ज कर लिया।

याचिकाकर्ता की ओर से गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए दोनों मामलों को निरस्त करने की मांग की गयी है। इस मामले में अगली सुनवाई 17 अप्रैल को होगी।

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