नैनीताल , दिसंबर 08 -- उत्तराखंड के हल्द्वानी में रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण के मामले में शीर्ष अदालत मंगलवार को सुनवाई करेगी। पुलिस प्रशासन ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिये क्षेत्र में भारी सुरक्षा व्यवस्था की है।

हल्द्वानी के बनभूलपुरा क्षेत्र में रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण के बहुचर्चित मामले में शीर्ष अदालत में मामला लंबित है। इस मामले में विगत दो दिसंबर को अंतिम सुनवाई होनी थी लेकिन अदालत तय तिथि पर सुनवाई नहीं कर पायी। अब इस मामले में कल सुनवाई होगी।

वर्ष 2023 में उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने रेलवे की भूमि से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिये थे। इस आदेश को अब्दुल मतीन सिद्दीकी समेत अतिक्रमणकारियों ने उच्चतम न्यायालय में चुनौती दे दी थी।

वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद की ओर से अतिक्रमणकारियों की ओर से पैरवी की जा रही है। रेलवे की ओर से उच्च न्यायालय के आदेश पर अतिक्रमित भूमि पर 4365 घरों को चिन्हित किया गया है। उसका कहना है कि उसे रेल सेवा के विस्तार के लिये 30 हेक्टेअर भूमि की आवश्यकता है और भूमि नहीं मिलने से रेल सेवाओं का विस्तार नहीं हो पा रहा है।

इधर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से अंतिम सुनवाई को देखते हुए भारी सुरक्षा व्यवस्था की गयी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डाॅ. मंजूनाथ टीसी के अनुसार पूरे इलाके को कई जोन में बांटा गया है। तीन अपर पुलिस अधीक्षक और चार सीओ के साथ ही 10 निरीक्षक सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालेंगे।

इनके अलावा पुलिस के 250 पुलिस जवानों के साथ ही दो प्लाटून पीएसी, चार फायर यूनिट और चार यूनिट टियर गैस (आंसू गैस) इकाई मौके पर तैनात रहेंगी। ड्रोन से भी पूरे क्षेत्र में सघन निगरानी की जायेगी।

पुलिस की ओर से सुरक्षा के लिहाज से संपूर्ण क्षेत्र में बैरिकेटिंग की गयी है। बाहरी लोगों के बनभूलपुरा में घुसने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। बिना पहचान पत्र के कोई भी बाहरी व्यक्ति कोर जोन में प्रवेश नहीं कर सकेगा।

उपद्रवियों के विरूद्ध मुचलका पाबंद की कार्यवाही की जा रही है। सोशल मीडिया और संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। श्री मंजूनाथ के अनुसार किसी भी स्थिति में माहौल बिगड़ने नहीं दिया जायेगा।

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