लखनऊ , मार्च 8 -- अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस की बधाई देते हुए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि महिलाओं का सम्मान और सुरक्षा केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि समाज में हर दिन महिलाओं की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।

रविवार को प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा और मार्गदर्शन में जन भवन में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय की एमबीबीएस और बीडीएस की 120 छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए निःशुल्क एचपीवी वैक्सीन की पहली डोज लगाई गई।

इस मौके पर राज्यपाल ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े संस्थानों और चिकित्सकों की समाज के प्रति विशेष जिम्मेदारी होती है, क्योंकि उनका सीधा संबंध मरीजों के जीवन से होता है।

राज्यपाल ने कहा कि डॉक्टर का मरीज के प्रति संवेदनशील व्यवहार भी उपचार का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। यदि चिकित्सक मरीज और उसके परिजनों से सहानुभूति के साथ संवाद करते हैं तो इससे मरीज के शीघ्र स्वस्थ होने में मदद मिलती है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपने शिक्षकों और वरिष्ठ चिकित्सकों से प्रेरणा लेकर चिकित्सा सेवा में मानवीय मूल्यों को अपनाएं।

उन्होंने बताया कि एचपीवी टीकाकरण की शुरुआत तीन वर्ष पहले जन भवन से की गई थी और अब कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी के सहयोग से प्रदेश में इसे व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा है। हाल ही में जन भवन और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया, पुणे के बीच हुए समझौते के तहत प्रदेश के आठ आकांक्षी जिलों में तीन लाख निःशुल्क वैक्सीन डोज उपलब्ध कराई जा रही हैं।

राज्यपाल ने बताया कि पुलिस कर्मियों की बेटियों के लिए भी एचपीवी टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है, जिसकी शुरुआत लखनऊ से हुई और अब यह प्रदेश के कई जनपदों तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए समाज में जागरूकता जरूरी है और इस अभियान में सभी लोगों को भागीदारी करनी चाहिए।

इस अवसर पर केजीएमयू की कुलपति डॉ. सोनिया नित्यानंद, विशेष कार्याधिकारी डॉ. सुधीर महादेव बोबड़े, प्रो. डॉ. सुजाता देव और डॉ. नरेंद्र देव सहित अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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