नयी दिल्ली , मार्च 06 -- आम आदमी पार्टी ने अमेरिका के वित्त मंत्री की ओर से भारत को रूस से तेल खरीदने के लिए 30 दिन की इजाजत देने के बयान पर केंद्र की मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी है कि हर कदम पर आप अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के आगे नतमस्तक हैं।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने प्रधानमंत्री की चुप्पी पर सवाल खड़े करते हुए देशवासियों के सामने आकर स्थिति साफ करने की मांग की है। श्री केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से पूछा कि भारत को रूस से तेल खरीदने की इजाजत देने वाला अमेरिका कौन होता है? आखिर ऐसी कौन सी मजबूरी है कि हर कदम पर आप ट्रम्प के आगे नतमस्तक हैं? भारत का नेतृत्व तो कभी इतना कमजोर नहीं था। प्रधानमंत्री, आप भारत और भारतीय लोगों के हितों के लिए इस्तीफा दे दीजिए।

उन्होंने एक्स पर कहा ''भारत को रूस से तेल ख़रीदने की इज़ाज़त देने वाला अमेरिका कौन होता है? भारत को अमेरिका से इज़ाज़त की ज़रूरत क्यों है? पिछले कुछ महीनों में देशवासियों ने बहुत पीड़ा के साथ देखा है कि किस तरह एक के बाद एक, हर कदम पर आप ट्रम्प के सामने झुक गए और आपकी उसके सामने बोलने तक की हिम्मत नहीं हुई। मोदी जी, आखिर आपकी ऐसी कौन सी मजबूरी है जिस की वजह से आप ट्रंप के सामने नतमस्तक हैं।''श्री केजरीवाल ने कहा कि भारत हज़ारों वर्ष पुराना देश है। भारत 140 करोड़ लोगों का एक महान देश है। भारत ने एक से बढ़कर एक वीर योद्धा पैदा किए हैं। आज तक भारत ने किसी भी देश के सामने इस तरह सिर नहीं झुकाया। आज तक भारतीय इतिहास में कभी भी भारत का नेतृत्व इतना कमजोर नहीं रहा। अगर आपकी वाकई कोई ऐसी मजबूरी है जिसका फ़ायदा ट्रम्प उठा रहा है, तो भारत और भारतीय हितों की खातिर, कृपया इस्तीफ़ा दे दीजिए, पर ऐसे भारत मां का सिर मत झुकाइए। सभी देशवासियों को बेहद पीड़ा हो रही है।

वरिष्ठ नेता व पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि अमेरिका के वित्त मंत्री का ट्वीट पढ़कर, एक भारतीय होने के नाते खून खौल रहा है। अमेरिका कह रहा है कि- "हम भारत को 30 दिन की इजाज़त दे रहे हैं ताकि भारत रूस से तेल खरीद सकें।" दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को एक दूसरे देश का मंत्री "अनुमति" दे रहा है कि वह किस देश से तेल खरीदे और कितने दिनों तक खरीदे। अगर यह सच है और मैं दिल से चाहूंगा कि यह झूठ हो, लेकिन अगर सच है तो यह सिर्फ एक बयान नहीं है, बल्कि यह हमको ग़ुलाम बनाने की घोषणा है। जबकि एक समय नरेंद्र मोदी कहते थे कि अंतर्राष्ट्रीय दबाव हम पैदा कर सकते हैं, 100 करोड़ का देश है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित