नयी दिल्ली , जनवरी 01 -- कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य , उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री हरीश रावत ने गुरुवार को कहा कि वह अब कोई चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन अगले विधानसभा चुनाव में उत्तराखंड में कांग्रेस को बहुमत से जिताने के लिए पूरी ताकत से पार्टी के साथ खड़े रहेंगे।

श्री रावत ने यहां पत्रकारों से कहा कि उन्होंने तय कर लिया है कि वह अब चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन कांग्रेस उत्तराखंड में अगला विधानसभा चुनाव जीते इसके लिए वह अपने अनुभव का पूरा इस्तेमाल करेंगे और पार्टी उम्मीदवारों के साथ सक्रिय रहेंगे। पार्टी से नाराजगी संबंधी प्रश्न पर उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है, वह पार्टी के सिपाही हैं और कांग्रेस की मजबूती के लिए समर्पित भाव से काम करेंगे लेकिन चुनाव नहीं लड़ेंगे।

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा शासन में उत्तराखंड बदहाल स्थिति में पहुंच गया है इसलिए पूरा माहौल कांग्रेस के पक्ष में है। अब जब भी चुनाव होंगे, कोई भी करिश्मा भाजपा को जिता नहीं सकता। उनका कहना था कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार जनविरोधी है और उसकी नीतियों से लोग तंग आ चुके है।

यह पूछने पर कि जब उनके जैसे बड़े नेता चुनाव से दूर रहेंगे तो पार्टी कैसे चुनाव जीतेगी तो श्री रावत ने कहा कि पहले भी उन्होंने चुनाव नहीं लड़ा लेकिन कांग्रेस की सरकार उत्तराखंड में बनी और इस बार वह पूरी तरह से पार्टी को चुनाव जिताने के लिए ही काम करेंगे। कांग्रेस संगठन में महत्व नहीं मिलने संबंधी सवाल पर उन्होंने कहा कि वह पार्टी के समर्पित सिपाही हैं और उन्होंने हमेशा समर्पण के साथ कांग्रेस के लिए काम किया है और आगे भी उसी भाव से पार्टी की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें पार्टी से कोई शिकायत नहीं है और पार्टी की मजबूती के लिए वह बूथ लेबल पर भी काम करने को तैयार हैं।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भाजपा सरकार से लोग पीछा छुड़ाना चाहते हैं और कांग्रेस को लाना चाहते हैं इसलिए जब भी चुनाव होंगे कांग्रेस की जीत पक्की है। उन्होंने कहा कि भाजपा नेताओं पर आए दिन आरोप लग रहे हैं और उसके नेता भ्रष्टाचार में लिप्त में है। पेपर लीक में बड़ा भारी भ्रष्टाचार हो रहा है और भाजपा नेता इसमें शामिल है। भर्तियां नहीं हो रही हैं और युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। भ्रष्टाचार चरम पर है इसलिए उत्तराखंड के लोग भाजपा से मुक्ति चाहते हैं इसलिए अगली सरकार कांग्रेस की ही होगी।

उत्तराखंड अलग राज्य बनने के बाद 2001 में श्री रावत उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष बने और 2002 में राज्यसभा के सदस्य निर्वाचित हुए। पाँच बार सांसद रहे श्री रावत 15वीं लोकसभा में डॉ मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में राज्य मंत्री बने। साल 1990 में वह पली बार केंद्र सरकार में राज्य मंत्री बने और तीन बार मंत्री रहे।

श्री रावत फरवरी 2014 को उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने लेकिन 27 मार्च 2016 को राष्ट्रपति शासन लग गया और फिर उसी साल एक अप्रैल को वह दोबारा मुख्यमंत्री बने लेकिन एक दिन बाद राज्य में फिर से राष्ट्रपति शासन लागू हो गया। उन्होंने 11 मई 2016 को तीसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली और 18 मार्च 2017 तक इस पद रहे।

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