चंडीगढ़ , फरवरी 04 -- हरियाणा सरकार ने श्रमिकों के हित में बड़ा कदम उठाते हुए हरियाणा श्रम कल्याण बोर्ड की 29 सेवाओं को हरियाणा सेवा अधिकार अधिनियम 2014 के दायरे में शामिल कर लिया है। इसके तहत सभी अधिसूचित सेवाएं तय समय सीमा में उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इस संबंध में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से अधिसूचना जारी की गई है।
अधिसूचित सेवाओं में कक्षा 1 से 12 तक श्रमिकों के बच्चों के लिए स्कूल यूनिफॉर्म किताबें व नोटबुक हेतु वित्तीय सहायता छात्रवृत्ति व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की प्रवेश परीक्षाओं के लिए कोचिंग तथा यूपीएससी और एचपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए आर्थिक सहायता शामिल है। इसके साथ ही खेल और सांस्कृतिक प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए भी वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
कन्यादान योजना के तहत महिला कामगारों और उनकी बेटियों के विवाह के लिए सहायता पुरुष कामगारों और उनके बेटों के विवाह पर शगुन सहायता तथा महिला कामगारों और उनकी पत्नियों के लिए मातृत्व सहायता को भी सेवा अधिकार अधिनियम के अंतर्गत लाया गया है। इसके अलावा महिला कामगारों को दंत चिकित्सा चश्मा साइकिल सिलाई मशीन दीर्घकालिक देखभाल विकलांगता सहायता कृत्रिम अंग श्रवण यंत्र और तिपहिया साइकिल जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जाएंगी। इन सेवाओं के लिए 60 दिनों की समय सीमा निर्धारित की गई है।
मृतक श्रमिकों के आश्रितों को वित्तीय सहायता मुख्यमंत्री सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत सहायता और अंतिम संस्कार सहायता के लिए 15 दिन की समय सीमा तय की गई है। साथ ही हरियाणा सिलिकोसिस पुनर्वास नीति से जुड़ी सेवाओं को भी अधिनियम के अंतर्गत शामिल किया गया है।
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