चंडीगढ़ , फरवरी 17 -- हरियाणा सरकार ने भूमि प्रशासन को पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मॉडर्न रेवेन्यू रिकॉर्ड रूम्स (एमआरआरआर) पहल के तहत 40 करोड़ 09 लाख से अधिक राजस्व अभिलेखों का डिजिटलीकरण कर उन्हें ऑनलाइन अपलोड कर दिया है। इस महत्वपूर्ण प्रगति की समीक्षा वित्त आयुक्त (राजस्व एवं आपदा प्रबंधन) डॉ. सुमिता मिश्रा ने सभी उपायुक्तों की बैठक में की।

बैठक में बताया गया कि 16 फरवरी 2026 तक लगभग 95 प्रतिशत रजिस्ट्रियां निर्धारित पांच दिन की समय-सीमा में पूरी की गईं। अधिकारियों को शेष लंबित मामलों का शीघ्र निपटान करने के निर्देश दिए गए। राज्य के 7,104 गांवों और 143 तहसीलों में लंबित इंतकाल मामलों की भी समीक्षा की गई। पिछले एक माह में 51,199 लंबित इंतकाल मामलों का समाधान किया गया है। प्रत्येक शनिवार 'जलसा-ए-आम' अभियान जारी रखने पर जोर दिया गया।

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