चंडीगढ़ , फरवरी 06 -- हरियाणा सरकार ने मृत व्यक्तियों के सम्मानजनक और सुरक्षित परिवहन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य के सभी जिलों में शव वाहन सेवाओं की उपलब्धता अनिवार्य कर दिया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने इस संबंध में सभी उपायुक्तों को निर्देश जारी किए हैं।
डॉ. मिश्रा ने शुक्रवारको कहा कि प्रत्येक जिले में कम से कम एक चालू शव वाहन सेवा उपलब्ध होनी चाहिए, ताकि किसी भी स्थिति में मृतक के परिजनों को असुविधा का सामना न करना पड़े। उन्होंने बताया कि वर्तमान में कई जिलों में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी और विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों द्वारा शव वाहन सेवाएं संचालित की जा रही हैं लेकिन इनकी जानकारी आम जनता तक पर्याप्त रूप से नहीं पहुंच पा रही है।
उन्होंने उपायुक्तों को निर्देश दिए कि शव वाहन सेवाओं की उपलब्धता और उनके संपर्क नंबरों के व्यापक प्रचार-प्रसार की व्यवस्था की जाए। यह सेवाएं भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, प्रतिष्ठित गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) अथवा अन्य विधिवत अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से संचालित की जा सकती हैं।
अतिरिक्त मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले के सिविल सर्जन यह सुनिश्चित करें कि सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में शव वाहन सेवाओं के संपर्क नंबर स्पष्ट और प्रमुख स्थानों पर प्रदर्शित किए जाएं। इनमें जिला अस्पताल उप-विभागीय अस्पताल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मेडिकल कॉलेज मुर्दाघर और पोस्टमार्टम केंद्र शामिल हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इन निर्देशों का अनुपालन प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक मृत व्यक्ति को सम्मानजनक परिवहन सुविधा मिले और उनके परिजनों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
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