चंडीगढ़ , दिसंबर 20 -- हरियाणा सरकार ने जमानत या अदालत के लगाये गये जुर्माने का भुगतान न कर पाने वाले गरीब कैदियों की सहायता के लिए 'गरीब कैदियों को सहायता' योजना के अंतर्गत संशोधित दिशानिर्देश और मानक संचालन प्रक्रियाएं लागू की हैं। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर कैदियों को वित्तीय सहायता प्रदान करना है, ताकि कोई भी व्यक्ति केवल गरीबी के कारण जेल में न रहे। इससे जेलों में भीड़ कम करने में भी मदद मिलेगी।
संशोधित दिशानिर्देशों के तहत प्रत्येक जिले में जिला स्तरीय अधिकार प्राप्त समितियों का गठन किया जाएगा, जिनमें जिला प्रशासन, जिला विधि सेवा प्राधिकरण, पुलिस, जेल प्रशासन और न्यायपालिका के प्रतिनिधि शामिल होंगे। जिला विधि सेवा प्राधिकरण के सचिव समिति के संयोजक होंगे और नियमित बैठकों के माध्यम से मामलों की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा, योजना की निगरानी के लिए राज्य स्तरीय निगरानी समिति भी गठित की जाएगी।
योजना के अंतर्गत आर्थिक तंगी के कारण जमानत न करा पाने वाले विचाराधीन कैदियों को प्रति मामले 50,000 रुपये तक की सहायता दी जाएगी, जिसे विशेष परिस्थितियों में एक लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है। अदालत द्वारा लगाये गये जुर्माने का भुगतान न कर पाने वाले दोषी कैदियों को 25,000 रुपये तक की सहायता प्रदान की जाएगी।
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