चंडीगढ़/रोहतक , फरवरी 21 -- हरियाणा में आगामी राज्य बजट को लेकर प्रदेश के व्यापारियों और उद्योगपतियों को बड़ी उम्मीदें है।
राष्ट्रीय जनउद्योग व्यापार संगठन ने बजट से पूर्व सरकार के समक्ष व्यापार एवं उद्योग से जुड़ी प्रमुख मांगें रखी हैं। संगठन के प्रदेश अध्यक्ष गुलशन डंग ने कहा कि हरियाणा देश में जीएसटी कलेक्शन के मामले में पांचवें स्थान पर है, इसके बावजूद औद्योगिक विकास और व्यापारियों को मिलने वाली सुविधाओं के क्षेत्र में प्रदेश पिछड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा का योगदान राष्ट्रीय राजस्व में लगातार बढ़ रहा है, लेकिन इसके अनुरूप न तो औद्योगिक ढांचा मजबूत हो पा रहा है और न ही व्यापारियों को अपेक्षित सहूलियतें मिल रही हैं। छोटे और मध्यम व्यापारियों को जटिल नियमों, कर प्रक्रियाओं और बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझना पड़ रहा है।
संगठन ने प्रदेश में विशेष आर्थिक जोन की संख्या बढ़ाने की मांग करते हुए कहा कि इससे नए उद्योग स्थापित होंगे और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। साथ ही एमएसएमई सेक्टर के लिए विशेष बजटीय प्रावधान, सस्ती वित्तीय सहायता, आसान ऋण व्यवस्था, बिजली दरों में राहत और तकनीकी उन्नयन की योजनाएं लागू करने पर जोर दिया गया।
गुलशन डंग ने प्रदेश में बढ़ रही फिरौतियों और कानून व्यवस्था की स्थिति पर चिंता जताते हुए हर जिले में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के गठन की मांग की।
उन्होंने कहा कि जिस प्रदेश में भय का माहौल हो, वहां व्यापार और निवेश प्रभावित होता है। उन्होंने सरकार से अपील की कि आगामी बजट में व्यापारियों की व्यावहारिक समस्याओं को प्राथमिकता दी जाए ताकि हरियाणा औद्योगिक विकास और व्यापार सुगमता में भी अग्रणी बन सके।
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