चंडीगढ़ , दिसंबर 27 -- हरियाणा सरकार ने विधायकों और पूर्व विधायकों को बड़ी राहत देते हुए उनके ठहरने और यात्रा भत्तों से जुड़े नियमों में अहम संशोधन किया है।
नये प्रावधानों के तहत अब हरियाणा के विधायक फाइव-स्टार होटलों में भी रुक सकेंगे। मेट्रो शहरों में इसके लिए अधिकतम 12 हजार रुपये प्रतिदिन और गैर-मेट्रो शहरों में नौ हजार रुपये प्रतिदिन तक की सीमा तय की गयी है। यह राशि पहले तय 5,000 रुपये की सीमा से लगभग 168 प्रतिशत अधिक है।
इस सुविधा का लाभ हालांकि केवल उन्हीं विधायकों को मिलेगा, जो विधानसभा समितियों के सदस्य के रूप में आधिकारिक दौरे पर जाएंगे। सरकार का कहना है कि यह फैसला बढ़ती महंगाई, होटल किरायों में इजाफा और जनप्रतिनिधियों की गरिमा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
प्रोटोकॉल के तहत विधायकों को आमतौर पर राज्य के मुख्य सचिव से ऊपर स्थान दिया जाता है। सरकारी जानकारी के अनुसार, हरियाणा के विधायकों को वर्तमान में करीब 2.25 लाख रुपये मासिक वेतन मिलता है। इसके अलावा उन्हें 18 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से यात्रा भत्ता और सालाना तीन लाख रुपये तक का यात्रा खर्च भी मिलता है। चंडीगढ़ समेत बड़े शहरों में अच्छे फाइव-स्टार होटलों का किराया 9,000 से 12,000 रुपये प्रतिदिन तक होने के कारण सरकार ने यह संशोधन किया है।
हरियाणा विधानसभा सचिव राजीव प्रसाद द्वारा जारी अधिसूचना में बताया गया है कि नये नियमों को 'हरियाणा विधानसभा (सदस्यों को भत्ते) संशोधन नियम, 2025' नाम दिया गया है।
नये नियमों में पूर्व विधायकों को भी राहत दी गयी है। करीब 550 पूर्व विधायकों के लिए पेंशन, महंगाई भत्ते और यात्रा भत्ते पर लगी एक लाख रुपये की अधिकतम सीमा हटा दी गयी है। इसके साथ ही अब पूर्व विधायक हर महीने यात्रा भत्ते के रूप में 10 हजार रुपये तक प्राप्त कर सकेंगे।
सरकार के इस फैसले को जनप्रतिनिधियों की सुविधाओं में बड़ा सुधार माना जा रहा है, वहीं इसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा भी तेजहो गयी।
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