हरिद्वार , मार्च 12 -- उत्तराखंड में हरिद्वार यातायात पुलिस ने गुरुवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) रानीपुर में विशेष यातायात जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान स्कूल बस चालकों और अटेंडेंट को बच्चों की सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण नियमों की जानकारी देते हुए उन्हें प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आयोजित किया गया। यातायात निरीक्षक और उनकी टीम ने बस चालकों को गति सीमा का पालन करने, ओवरटेकिंग से बचने तथा यातायात संकेतों का पालन करने के लिए जागरूक किया।
अभियान के दौरान बच्चों को बस में चढ़ाने और उतारने के समय विशेष सावधानी बरतने, बस के पूरी तरह रुकने के बाद ही दरवाजा खोलने तथा सुरक्षित घेरा बनाकर बच्चों को उतारने के निर्देश दिए गए। अटेंडेंट को भी हर बच्चे को सुरक्षित रूप से स्कूल परिसर अथवा घर के गेट तक पहुंचाने की जिम्मेदारी निभाने के लिए कहा गया।
इस मौके पर स्कूल बसों में लगे अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड किट और इमरजेंसी एग्जिट की भी जांच की गई। साथ ही बसों में लगे जीपीएस सिस्टम, रिवर्स हॉर्न और स्पीड गवर्नर की कार्यक्षमता को भी परखा गया, ताकि बच्चों की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही न हो।
यातायात पुलिस अधिकारियों ने कहा कि स्कूल बस चालक केवल वाहन चलाने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि सैकड़ों परिवारों की उम्मीदों और बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी उसके कंधों पर होती है। थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है, इसलिए यातायात नियमों का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है।
यातायात पुलिस ने स्कूल प्रशासन से भी अपील की कि स्कूल के बाहर सूचनात्मक बोर्ड और पार्किंग बोर्ड लगाए जाएं तथा परिसर में बच्चों को यातायात संकेतों की जानकारी देने के लिए जागरूकता गतिविधियां आयोजित की जाएं। पुलिस ने बताया कि सड़क सुरक्षा को लेकर ऐसे अभियान आगे भी लगातार चलाए जाएंगे।
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