हरिद्वार , दिसंबर 29 -- उत्तराखंड के हरिद्वार में जिलावासियों की समस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण के उद्देश्य से जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में सोमवार को जिला कार्यालय सभागार में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) पी.आर. चौहान और अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) दीपेंद्र सिंह नेगी ने की।

जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 21 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से नौ समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि शेष शिकायतों को त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को प्रेषित किया गया।

कार्यक्रम में राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, वन भूमि, चकरोड, अवैध खनन एवं सार्वजनिक संपत्तियों पर कब्जे से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। शिकायतकर्ता पदम प्रसाद (ग्राम चूड़ियाल मोहनपुर) ने युवक मंगल दल के खेल मैदान पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। वहीं चंद्रावती देवी (ग्राम अजीतपुर) ने ग्राम बिशनपुर मुस्तकम में चकरोड संख्या 188 पर कब्जा हटाने की मांग की।

उत्तराखंड राज्य निर्माण आंदोलनकारी सुरेंद्र सैनी ने नगर निगम हरिद्वार की नजूल भूमि से अवैध कब्जा हटाने का प्रार्थना पत्र दिया। आजाद सिंह (ग्राम प्रह्लादपुर) ने तहसील लक्सर के हस्तमौली क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। ग्राम पंचायत मूलदासपुर उर्फ माजरा के ग्रामीणों ने खनन माफिया द्वारा दिन-रात खनन से मार्ग व खेतों को हो रहे नुकसान की शिकायत करते हुए खनन रुकवाने की मांग की।

इसके अतिरिक्त गोगा महाडी सेवा समिति, सिंकदरपुर भैसवाल भगवानपुर ने गोगा महाडी मेला भूमि पर बन रही सरकारी पार्किंग के निर्माण को रोकने तथा भूमि के रखरखाव की जिम्मेदारी समिति को सौंपने की मांग रखी।

अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) चौहान ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध ढंग से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

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