हरिद्वार , दिसंबर 08 -- उत्तराखंड में हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में जिला कार्यालय सभागार में सोमवार को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में कुल 105 शिकायतें दर्ज की गईं। जिनमें से 46 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष प्रकरण संबंधित विभागों को त्वरित निराकरण हेतु प्रेषित किए गए।
जनसुनवाई में राजस्व, भूमि विवाद, विद्युत, अतिक्रमण, बैंकिंग, सड़क निर्माण और जल निकासी से जुड़ी समस्याएं बड़ी संख्या में सामने आईं। रसूलपुर निवासी अजब सिंह ने डालूवाला कलां (खसरा नंबर 72 व 66) की भूमि पर अवैध चारदीवारी बनाए जाने की शिकायत दर्ज कराई।
आदेश कुमार ने धारीवाला शाहपुर शीतला खेड़ा स्थित अपने मकान के विद्युत कनेक्शन में हो रही देरी को लेकर प्रार्थना पत्र दिया।
लक्ष्मण सिंह ने अपने नाम पर किए गए फर्जी ओवरड्राफ्ट/लोन से उत्पन्न मानसिक एवं वित्तीय उत्पीड़न की शिकायत की।
ग्राम बसेड़ी के गुलशनव्वर ने कच्चे रास्ते पर सड़क निर्माण की मांग रखी। बिल्केश्वर कॉलोनी के महेंद्र अरोड़ा ने कॉलोनी में जंगली जानवरों की आवाजाही रोकने हेतु सुरक्षा दीवार बनाए जाने का अनुरोध किया। माधव कॉलोनी एवं आयुर्वेदम इंक्लेव शांतरशाह के निवासियों ने बंद की गई नाली के कारण जलभराव की समस्या उठाई। इसके अलावा कृष्णा नगर रुड़की निवासी राजबीरी ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जमा राशि के बाद भी आवास न मिलने की शिकायत दर्ज कराई।
जिलाधिकारी दीक्षित ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में आने वाली शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा करते हुए गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने बताया कि विभिन्न विभागों में 36 दिनों से अधिक पुरानी शिकायतों की संख्या एल1 स्तर पर 488 और एल2 पर 101 है, जो अत्यंत चिंताजनक है।
श्री दीक्षित ने निर्देश दिया कि सभी विभाग 31 दिसंबर तक लंबित शिकायतों का निस्तारण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें, अन्यथा दिसंबर का वेतन आहरित नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को लंबित शिकायतों को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
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