हरिद्वार , मार्च 11 -- उत्तराखंड के हरिद्वार में 2027 को होने वाले कुंभ मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। करोड़ों श्रद्धालुओं के आगमन के मद्देनजर मेला प्रशासन ने गंगा की स्वच्छता और मेला क्षेत्र में बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन को प्राथमिकता दी है। इसी क्रम में बुधवार को राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) के विशेषज्ञों की टीम ने कुंभ क्षेत्र का दौरा कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
टीम ने मेला प्रशासन, नगर निगम और पेयजल निगम के अधिकारियों के साथ हरकी पैड़ी, बैरागी कैंप, दक्ष द्वीप, कनखल, नीलधारा और गौरीशंकर क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और सैनिटेशन की उपलब्ध एवं प्रस्तावित व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।
निरीक्षण के बाद मेलाधिकारी सोनिका की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें कुंभ मेले के दौरान ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा बेहतर सफाई व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने बताया कि मेले में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या को देखते हुए पर्याप्त शौचालय, कचरा संग्रहण और सीवरेज प्रबंधन की मजबूत व्यवस्था की जाएगी।
बैठक में यह भी तय किया गया कि मेला क्षेत्र में कूड़ेदान, कचरा संग्रहण केंद्र, अपशिष्ट परिवहन व्यवस्था और अस्थायी शिविरों में कचरा निस्तारण की व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। इसके अलावा सीवरेज और सेप्टेज प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए छह एफएसटीपी (फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट) स्थापित करने का प्रस्ताव भी रखा गया है।
अधिकारियों ने कहा कि कुंभ मेले के दौरान गंगा की अविरलता एवं निर्मलता बनाए रखने के लिए वैज्ञानिक एवं चिरस्थायी व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी ताकि श्रद्धालुओं को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण मिल सके।
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