हरिद्वार , मई 01 -- उत्तराखंड के हरिद्वार जनपद में पीसीपीएनडीटी अधिनियम 1994 के उल्लंघन का मामला सामने आने पर शुक्रवार को प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के अनुमोदन के बाद दो व्यक्तियों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज कराने की संस्तुति की गई है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर. के. सिंह के अनुसार, मुखबिर योजना के तहत पिरान कलियर क्षेत्र में संचालित सिटी हेल्थकेयर केंद्र के संबंध में गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी। इस पर अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा के नेतृत्व में टीम गठित कर केंद्र का निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान केंद्र में स्थापित अल्ट्रासाउंड मशीन मौके पर नहीं मिली। केंद्र संचालक डॉ. बिलाल रिजवी से पूछताछ में उन्होंने बताया कि मशीन को मंगलौर निवासी राजा अली को बेच दिया गया है। संबंधित दस्तावेज भी टीम को उपलब्ध कराए गए।
सीएमओ ने बताया कि पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत बिना पंजीकरण के अल्ट्रासाउंड मशीन की खरीद-फरोख्त प्रतिबंधित है। ऐसा करना कानूनन अपराध है और इससे भ्रूण लिंग जांच जैसी अवैध गतिविधियों की आशंका रहती है।
जांच रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेजे जाने के बाद उन्होंने केंद्र संचालक डॉ. बिलाल रिजवी और खरीदार राजा अली के खिलाफ पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत आपराधिक परिवाद दर्ज करने की अनुमति दे दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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