पटना, मार्च 13 -- बिहार में करीब सात वर्ष पहले शुरू जल-जीवन-हरियाली अभियान से पर्यावरण सुरक्षा की दिशा में क्रांतिकारी बदलाव आया है।
पौधशाला सृजन और सघन पौधरोपण से जहां हरित आवरण में तेजी से उछाल आया है। वहीं ग्रामीण आजीविका को भी मजबूती मिली है। अभियान के तहत राज्य में अभी तक 21 करोड़ 24 लाख 97 हजार 366 पौधे लगाए जा चुके हैं। इससे राज्य में हरित आवरण 15.5 प्रतिशत तक पहुंच गया है।
ग्रामीण विकास विभाग की ओर से वर्ष 2019 से जल-जीवन-हरियाली अभियान का क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पौधरोपण के सहारे हरित क्षेत्र का तेजी से विस्तार किया जा रहा है। इसी क्रम में राज्य में सबसे अधिक चार करोड़ छह लाख एक हजार 631 पौधे वित्तीय वर्ष 2024-25 में लगाए गए। वर्ष 2025-26 में तीन करोड़ 37 लाख 93 हजार 997, वर्ष 2023-24 में तीन करोड़ 31 लाख आठ हजार 362, वर्ष 2022-23 में दो करोड़ 72 लाख 41 हजार 89, वर्ष 2021-22 में तीन करोड़ 31 लाख आठ हजार 904, वर्ष 2020-21 में तीन करोड़ 26 लाख 19 हजार 678 और वर्ष 2019-20 में एक करोड़ 48 लाख 13 हजार 705 पौधे लगाए गए।
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