ओटावा , जनवरी 30 -- कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा है कि वह उम्मीद करते हैं कि अमेरिका 'कनाडा की संप्रभुता का सम्मान' करेगा।

यह बयान उन मीडिया रिपोर्टों के बाद आया है, जिनमें कहा गया था कि अमेरिकी अधिकारियों ने कनाडा के अल्बर्टा प्रांत को अलग करने की वकालत करने वाले एक समूह से मुलाकात की है।

श्री कार्नी ने राज्य के प्रमुखों (प्रीमियर) के साथ बैठक के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह बात कही। उनसे अमेरिकी अधिकारियों और 'अल्बर्टा प्रॉस्पेरिटी प्रोजेक्ट' ( एपीपी) के बीच हुई बैठकों के बारे में सवाल पूछा गया था। एपीपी वह समूह है, जो प्रांत की स्वतंत्रता पर जनमत संग्रह के लिए दबाव बना रहा है।

श्री कार्नी ने कहा, " मैं अमेरिकी प्रशासन से कनाडा की संप्रभुता का सम्मान करने की उम्मीद करता हूं।" उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी बातचीत में अलगाववाद का मुद्दा कभी सामने नहीं आया।

अल्बर्टा प्रांत की प्रमुख डेनियल स्मिथ ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, " मैं उम्मीद करूंगी कि अमेरिकी प्रशासन कनाडा की संप्रभुता का सम्मान करेगा और वे अल्बर्टा की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के बारे में अपनी चर्चा केवल अल्बर्टा वासियों और कनाडाई लोगों तक ही सीमित रखेंगे।" उन्होंने कहा कि वह अपनी सरकार के प्रतिनिधि को अमेरिकी प्रशासन तक अपनी चिंताएं पहुंचाने का निर्देश देंगी।

अन्य प्रांतीय नेताओं ने भी अमेरिकी अधिकारियों और अल्बर्टा के अलगाववादी समूह के बीच हुई इन मुलाकातों की आलोचना की है। ब्रिटिश कोलंबिया के प्रमुख डेविड एबी ने इसे 'देशद्रोह' करार दिया।

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