चेन्नई , जनवरी 24 -- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) अध्यक्ष एम.के. स्टालिन ने शनिवार को राज्यपाल आर.एन. रवि और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला बोलते हुए कहा, "किसी को, हमें देशभक्ति सिखाने की जरूरत नहीं है और लोग अच्छी तरह जानते हैं कि असल में राष्ट्रविरोधी कौन है।"राज्य विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए श्री स्टालिन ने कहा, "वे हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ाने के लायक नहीं हैं और हमें उनसे सीखने की जरूरत नहीं है। उन्होंने देश के लिए कभी लड़ाई नहीं लड़ी।" मुख्यमंत्री ने कड़े शब्दों में कहा कि जो लोग सत्ता के जरिये इस लोकतांत्रिक देश के संवैधानिक ढांचे की गरिमा को धूमिल करने का प्रयास करते हैं, वही वर्तमान समय में राष्ट्रविरोधी हैं।

राज्यपाल के गत 20 जनवरी को सदन से वॉकआउट करने और यह आरोप लगाने पर कि शुरुआत में राष्ट्रगान नहीं बजाया गया, श्री स्टालिन ने स्पष्ट किया, "तमिलनाडु विधानसभा की यह परंपरा रही है कि राज्यपाल के अभिभाषण से पहले 'तमिल थाई वज़्थु' (मदर तमिल की वंदना) गाया जाता है और अंत में राष्ट्रगान बजाया जाता है। यह कहना गलत है कि राष्ट्रगान का सम्मान नहीं किया गया। हम देश और राष्ट्रगान का सर्वोच्च सम्मान करते हैं।" उन्होंने राज्यपाल पर तमिल लोगों के हितों के खिलाफ काम करने और अपने पद व संविधान का अपमान करने का आरोप लगाया।

श्री स्टालिन ने इस स्थिति को 'कठिन और नाजुक' बताया और कहा कि ऐसी चुनौती का सामना पूर्व मुख्यमंत्रियों- अन्नादुरई, करुणानिधि, एमजीआर और जयललिता ने भी कभी नहीं किया था।

उन्होंने कहा, "उस दौर के राज्यपाल ऐसे नहीं थे, उन्होंने कभी इस तरह के टकराव को दिल से नहीं लगाया।" मुख्यमंत्री ने राज्यपाल के सरकार द्वारा तैयार भाषण को न पढ़ने को लोकतंत्र को कमजोर करने वाला कदम बताया।

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