कोलकाता , मई 05 -- पश्चिम बंगाल की निवर्तमान मुख्यमंत्री एवं तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी को चुनाव आयोग, केंद्र सरकार तथा भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मिलकर जबरन हराया है और वह लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं देंगी।

सुश्री बनर्जी ने विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के एक दिन बाद मंगलवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा कि तृणमूल कांग्रेस चुनाव हारी नहीं है, बल्कि उसे जबरन हराया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने इस चुनाव में 'विलेन' के रूप में काम किया। आयोग, केंद्र सरकार तथा भाजपा ने मिलीभगत से उनकी पार्टी को जबरन हराया है। नैतिक रूप से तृणमूल की जीत हुई है।

सुश्री बनर्जी ने आरोप लगाया कि उन्हें और उनके चुनाव एजेंटों को मतदान केंद्रों से जबरन बाहर निकाला गया। उन्होंने अपने साथ धक्का-मुक्की होने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि वह लोकभवन जाकर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा नहीं देंगी।

तृणमूल प्रमुख ने कहा कि वह इंडिया गठबंधन के साथ बनी रहेंगी। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता सोनिया गांधी एवं राहुल गांधी, समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव तथा कई अन्य दलों के नेताओं ने उनसे फोन पर बात की है और कहा है कि वे तृणमूल कांग्रेस के साथ हैं।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह इस्तीफा देने राजभवन जाएंगी, उन्होंने साफ मना करते हुए कहा कि चुनावी नतीजों में हेराफेरी हुई है। उन्होंने कहा, "चुनाव में कोई हारता है, कोई जीतता है। हम सभी यह स्वीकार करते हैं, लेकिन यहां हम हारे नहीं हैं। मतगणना में पूरी तरह से हेराफेरी हुई है। "उन्होंने कहा, " एजेंटों को जबरदस्ती बाहर निकाला गया, फॉर्म 17सी छीन लिया गया। अगर वे निष्पक्ष रूप से जीते होते, तो मुझे कुछ नहीं कहना होता। मैं इस्तीफा क्यों दूं? अगर कोई मुझे इस्तीफा देने के लिए मजबूर करता है, तो मैं कहूंगी नहीं, ऐसा नहीं हो सकता। आयोग ने सीधे भाजपा के इशारे पर काम किया है।"सुश्री बनर्जी ने चुनाव आयोग पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव आयोग भाजपा के साथ मिलीभगत कर रहा है। उन्होंने दावा किया, " हमारी लड़ाई भाजपा के खिलाफ नहीं, बल्कि चुनाव आयोग के खिलाफ थी। वही खलनायक बन गये। उन्होंने ईवीएम मशीनों को लूटा। "उन्होंने मतदान से पहले प्रशासनिक हस्तक्षेप का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, " चुनाव से दो दिन पहले उन्होंने हमारे लोगों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया। उन्होंने आईसी, ओसी, एसडीओ और आईपीएस अधिकारियों को बदलना शुरू कर दिया। यह भाजपा और चुनाव आयोग के बीच की साजिश थी। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री इसमें सीधे तौर पर शामिल हैं।"उन्होंने नरेन्द्र मोदी या अमित शाह का नाम लिये बिना यह बात कही।

सुश्री बनर्जी ने चुनाव को "गंदा, घिनौना और गुंडागर्दी भरा" करार देते हुए कहा, " मैंने इस तरह का चुनाव या इस तरह की क्रूरता पहले कभी नहीं देखी। इन्होंने सारी हदें पार कर दी हैं।"सुश्री बनर्जी ने राज्य भर में तृणमूल कार्यकर्ताओं पर अत्याचार और पार्टी कार्यालयों पर कब्जा करने का आरोप लगाते हुए कहा, " उन्होंने हमारे लोगों पर अत्याचार करना शुरू कर दिया है। भाजपा ने गुंडों के साथ मिलकर अत्याचार किये हैं। पुलिस पूरी तरह निष्क्रिय है। हमें बदलाव चाहिए था, बदला नहीं। "उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय बलों ने अनुचित तरीके से काम किया है। उन्होंने कहा, " पिछले तीन दिनों में मैंने केंद्रीय बलों को इस तरह का व्यवहार करते कभी नहीं देखा।"उन्होंने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है। वह तृणमूल कार्यकर्ताओं को अपने साथ जुड़ने के लिए कह रही है और लोग ऐसा इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनकी जान खतरे में है।

तृणमूल अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी ने पांच सदस्यीय तथ्यान्वेषी समिति का गठन किया है, जिसमें पार्टी के सांसद भी मौजूद रहेंगे। उन्होंने दावा किया, " वे उन सभी क्षेत्रों का दौरा करेंगे, जहां भाजपा ने लोगों को प्रताड़ित किया है। उन्होंने तृणमूल भवन पर कब्जा करने की कोशिश भी की और अभिषेक बनर्जी के कार्यालय पर पत्थर फेंके।" उन्होंने पार्टी नेता अभिषेक बनर्जी का जिक्र करते हुए यह बात कही।

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