हमीरपुर , अप्रैल 30 -- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के मौदहा तहसील क्षेत्र में एसडीएम व उनके पेशकार को हटाने की मांग को लेकर चल रहे अधिवक्ताओं के आंदोलन ने गुरुवार को नया मोड़ ले लिया, जब प्रशासन ने क्रमिक अनशन कर रहे दो अधिवक्ताओं सहित कई अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया। पुलिस के अनुसार मौदहा तहसील परिसर में लगभग एक माह से अधिवक्ताओं द्वारा एसडीएम कर्मवीर सिंह एवं उनके पेशकार पीयूष सक्सेना को हटाने की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा था, जो बाद में क्रमिक अनशन में बदल गया। गुरुवार को अनशन का चौथा दिन था। इसी बीच तहसील प्रशासन की ओर से अधिवक्ता बरदानी प्रसाद और वसी अहमद सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ अव्यवस्था फैलाने तथा शासकीय कार्य में बाधा डालने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।

दर्ज रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि 27 अप्रैल से बार एसोसिएशन परिसर में बिना पूर्व अनुमति के क्रमिक अनशन किया जा रहा था और माइक आदि लगाकर नारेबाजी की जा रही थी, जिससे शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे थे। आरोप है कि 30 अप्रैल को अपराह्न उपजिलाधिकारी न्यायालय में सुनवाई के दौरान अधिवक्ता वसी अहमद, बरदानी प्रसाद एवं अन्य लोगों ने बिना अनुमति न्यायालय कक्ष में प्रवेश कर नारेबाजी की तथा न्यायिक अभिलेखों को फाड़ने का प्रयास किया।

प्रशासन का कहना है कि इस दौरान न्यायालय परिसर में अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो गई और उपस्थित कर्मचारियों व पुलिस बल के साथ धक्का-मुक्की तथा अभद्र भाषा का प्रयोग भी किया गया। पीठासीन अधिकारी और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद स्थिति को नियंत्रित किया गया।

इधर, तहसील प्रशासन द्वारा की गई इस कार्रवाई के बाद अधिवक्ताओं में रोष व्याप्त है। अधिवक्ता संघ के पदाधिकारियों ने घटना पर नाराजगी जताते हुए आगे की रणनीति बनाने के संकेत दिए हैं, जिससे आने वाले दिनों में आंदोलन के और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

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