चेन्नई , जनवरी 30 -- तमिलनाडु के उद्योग मंत्री टीआरबी राजा ने शुक्रवार को राज्य में किसी भी तरह के हिंदी-विरोधी विमर्श से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि वे 'किसी भी भाषा' को थोपे जाने का विरोध करते हैं।
डॉ राजा ने एनडीटीवी तमिलनाडु समिट में अपने संबोधन में कहा, "हमारे यहाँ देश के किसी भी राज्य से अधिक जर्मन और जापानी लोगों की आबादी है। ये सभी तमिलनाडु में खुश हैं। हमारे यहाँ हिंदी भाषी लोगों की भी बहुत बड़ी आबादी है और वे तमिलनाडु में बहुत खुश हैं।"मंत्री ने हालांकि रेखांकित किया कि तमिल भाषा की रक्षा करना एक सांस्कृतिक कर्तव्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ने कभी नहीं कहा कि वह लोगों को हिंदी में बात करने से रोकेगी। उन्होंने कहा कि ऐसा कदम 'गलत' होगा और तमिलनाडु में हिंदी भाषी निवेशकों की मौजूदगी इसका उदाहरण है।
डॉ राजा ने कहा, "हमारे यहाँ उत्तर भारत और हिंदी भाषी क्षेत्र से बहुत सारे निवेशक हैं। हमें कोई समस्या नहीं है। हम बस उन्हें याद दिला रहे हैं कि भारत के उस हिस्से ने वास्तव में हिंदी के कारण अपनी सैकड़ों भाषाएँ खो दी हैं।" उन्होंने भारत की हर एक भाषा को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि कोई भी समझदार निवेशक तकनीकी क्षमताओं या शैक्षिक मजबूती को देखने के बजाय केवल बोली जाने वाली भाषा के आधार पर निवेश नहीं करेगा।
मंत्री ने कहा, "अगर आप सिर्फ अपनी हिंदी राजनीति खेलना चाहते हैं और उसके जरिए निवेश पाना चाहते हैं, तो आपको शुभकामनाएं। हम बुनियादी ढांचे, शैक्षणिक कौशल, नीतिगत पहल, सुशासन और व्यापार करने में आसानी की ताकत पर काम कर रहे हैं। वैसे भी हम नहीं चाहते कि कोई भी 'विभाजनकारी' निवेशक तमिलनाडु में आए।"डॉ राजा ने केंद्र सरकार से तमिलनाडु के शासन के 'द्रविड़ मॉडल' से सीखने का भी आग्रह किया, जिसने रोजगार प्रदान किया है और युवाओं को अपना जीवन बदलने के लिए सशक्त बनाया है। उन्होंने कहा, "हम बेहतर जीवन और एक खुशहाल घर बनाना चाहते हैं, न कि केवल इंस्टाग्राम पर दो मिनट की क्लिप बनकर रहना चाहते हैं।"मंत्री ने सुपरस्टार विजय की भी आलोचना की, जिनके राजनीति में प्रवेश ने आगामी चुनावों से पहले नए गठबंधनों की अटकलें तेज कर दी हैं। उन्होंने कहा कि वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की भाषा बोलते हैं। वह भाजपा की 'जेड़ टीम' हैं।
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