हनुमानगढ़ , दिसंबर 17 -- राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले में टिब्बी शहर के निकट राठीखेड़ा गांव में प्रस्तावित 40 मेगावाट एथेनॉल प्लांट के खिलाफ बुधवार को हनुमानगढ़ जंक्शन के धान मंडी में आयोजित किसानों की महापंचायत प्रशासन के साथ दौ दौर की वार्ता के बाद समाप्त हो गई। हालांकि टिब्बी में शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा।
इससे पहले सुबह से ही महापंचायत में किसानों का जमावड़ा शुरू हो गया था और महापंचायत को देश के प्रमुख किसान नेता राकेश टिकैत, गुरमीत सिंह चढूनी, जोगेंद्रसिंह उगराहा, पूर्व विधायक बलवान पूनिया, हनुमानगढ़ कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर, विधायक अभिमन्यु पूनिया, किसान नेता मंगेज चौधरी, रेशम सिंह, शबनम गोदारा, सोहन ढील, रामेश्वर वर्मा और रघुवीर वर्मा सहित कई किसान नेताओं ने संबोधित किया। महापंचायत में हजारों किसानों और ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।
वार्ता के दौरान शासन सचिव डा रविकुमार सुरपुर ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि किसानों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए प्लांट का निर्माण कार्य तत्काल रोक दिया गया है। साथ ही मामले की जांच और समीक्षा के लिए एक कमेटी गठित की गई है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे का निर्णय लिया जाएगा। मुकदमों पर पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह कानूनी प्रक्रिया है, लेकिन सरकार सहानुभूतिपूर्वक विचार करेगी। सहमति बनी कि स्थानीय पुलिस इन मामलों में दखल नहीं देगी और जांच सीआईडी सीबी को सौंपी जाएगी।
दूसरे दौर की वार्ता में किसान नेताओं ने आपसी परामर्श किया, जिसके बाद प्रशासन ने सहमति जताई कि जिला प्रशासन राज्य सरकार को शासकीय पत्र लिखकर एमओयू रद्द करने और मुकदमे वापस लेने पर लोकहित में निर्णय लेने का आग्रह करेगा। जिला कलक्टर ने तुरंत अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र लिखा और इसकी प्रति किसानों को सौंपी। वार्ता के नतीजे मंच पर घोषित किए गए, जिसे किसानों ने करतल ध्वनि से स्वीकार किया। इसके साथ ही महापंचायत समाप्त हो गई लेकिन टिब्बी में शांतिपूर्ण धरना जारी रहेगा।
प्रशासन ने किसानों को वार्ता के बुलाया जहां राज्य सरकार के साथ दो दौर की वार्ता हुई, जिसमें किसानों की मांगों पर सहमति बनी कि प्लांट का निर्माण पर रोक जारी रहेगी। इस प्लांट की जांच के लिए सरकार उच्च स्तरीय कमेटी गठित कर दी गई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि 20 दिनों में एमओयू रद्द नहीं किया गया तो सात जनवरी को संगरिया में दोबारा महापंचायत बुलाई जाएगी।
इससे पहले महापंचायत में श्री टिकैत ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार विकास के नाम पर किसानों की जमीन छीन रही है। श्री उगराहा ने कहा-सरकार शिक्षा और रोजगार पर पहले ही चोट कर चुकी है। अब जमीन, पानी और हवा को भी खतरे में डाल रही है। एथेनॉल प्लांट से पर्यावरण दूषित होगा तो आम आदमी के पास जीने की जगह नहीं बचेगी। श्री चढूनी ने कहा कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक प्लांट पूरी तरह हटाया नहीं जाता। किसानों ने अपने संबोधन में गत दस दिसंबर को टिब्बी में हुई महापंचायत के बाद प्लांट साइट पर जा रहे किसानों पर लाठीचार्ज और 450 से अधिक लोगों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने की मांग की।
महापंचायत के मद्देनजर प्रशासन ने हनुमानगढ़ जंक्शन में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए। पूरे जिले में भारी पुलिस बल तैनात किया। अनाज मंडी के चारों ओर बैरिकेडिंग की गई, मुख्य गेट को छोड़कर बाकी गेट बंद कर दिए गए और ट्रक-ट्रॉलियां खड़ी कर दी गईं। कलेक्ट्रेट से आधा किलोमीटर पहले रास्ता बंद था।
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