बेंगलुरु , मई 02 -- कर्नाटक विधानसभा सचिवालय ने शनिवार को धारवाड़ के विधायक विनय कुलकर्णी को हत्या के मामले में दोषी ठहराये जाने के बाद सदन की सदस्यता से आधिकारिक तौर पर अयोग्य घोषित कर दिया।

इसके साथ ही विधानसभा में एक सीट रिक्त हो गयी है।

सचिवालय की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार कांग्रेस विधायक विनय कुलकर्णी को बेंगलुरु शहर के अतिरिक्त नगर दीवानी एवं सत्र न्यायाधीश ने एक हत्या के मामले में दोषी पाया था। दोषसिद्धि का यह फैसला 15 अप्रैल को सुनाया गया था।

अदालती दस्तावेजों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह मामला भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकर्ता योगेश गौड़ा की हत्या से संबंधित है। धारवाड़ के स्थानीय नेता योगेश गौड़ा की जून 2016 में हत्या कर दी गयी थी। इस मामले ने उस समय कर्नाटक में बड़ा राजनीतिक विवाद पैदा कर दिया था और हत्या के पीछे राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के आरोप लगे थे।

बाद में इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने अपने हाथ में ले ली थी। इस मामले में कुलकर्णी को आरोपियों में से एक के रूप में नामित किया गया था। पिछले कुछ वर्षों में इस मामले की लंबी सुनवाई चली। इसमें आरोप पत्र दाखिल करना और बेंगलुरु की विशेष अदालत के समक्ष गवाहों की जांच शामिल थी। अंततः अप्रैल 2026 में उन्हें दोषी ठहराया गया।

सचिवालय ने कहा कि कुलकर्णी को उनकी दोषसिद्धि की तारीख से तत्काल प्रभाव से कर्नाटक विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित किया जाता है। अधिसूचना में यह भी स्पष्ट किया गया है कि उनकी रिहाई के बाद छह साल तक यह अयोग्यता लागू रहेगी, बशर्ते किसी सक्षम अदालत से दोषसिद्धि पर रोक न लगायी जाए या इसे रद्द न किया जाए। कुलकर्णी पूरी सुनवाई के दौरान अपने ऊपर लगे आरोपों से लगातार इनकार करता रहा है।

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