नयी दिल्ली , अप्रैल 18 -- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शनिवार के संबोधन को हताशा से भरा बताते हुए उसे झूठ का पुलिंदा करार दिया और कहा कि निराश प्रधानमंत्री अब देश को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

श्री खरगे ने प्रधानमंत्री के संबोधन पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उनका भाषण हताशा और निराशा से भरा था, क्योंकि उनके पास पिछले 12 वर्षों में किये गये कामों को दिखाने के लिए कुछ ठोस नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि श्री मोदी ने राष्ट्र के नाम आधिकारिक संबोधन को राजनीतिक भाषण में बदल दिया, जो आरोप-प्रत्यारोप और झूठे तथ्यों से भरा हुआ था। उनका कहना था कि आदर्श आचार संहिता पहले से लागू है और ऐसे में प्रधानमंत्री ने सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर अपने विरोधियों पर हमला किया, जो लोकतंत्र और संविधान के साथ गंभीर अन्याय है।

उन्होंने कहा, "श्री मोदी ने अपने भाषण में कांग्रेस का 59 बार उल्लेख किया और महिलाओं का नाम मुश्किल से कुछ बार लिया। इससे उनकी प्राथमिकताएं स्पष्ट हो जाती हैं। भाजपा के लिए महिलाएं नहीं, कांग्रेस की आलोचना प्राथमिकता है, क्योंकि कांग्रेस हमेशा सही पक्ष में खड़ी रही है। कांग्रेस ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है। उन्होंने कहा, 'हम वही पार्टी हैं जिसने 2010 में राज्यसभा में महिला आरक्षण विधेयक पारित किया ताकि वह निरस्त न हो जाए, लेकिन भाजपा उसे लोकसभा में पारित नहीं करा सकी। वर्ष 2023 में भाजपा सरकार नया विधेयक लेकर आई, जिसका कांग्रेस ने समर्थन किया और वह आज भी अस्तित्व में है। इसे 16 अप्रैल को अधिसूचित किया गया, जब लोकसभा परिसीमन से जुड़े संवैधानिक संशोधन विधेयकों पर चर्चा कर रही थी। अपनी ही विधेयक को अधिसूचित करने में भाजपा को तीन वर्ष लग गए, जो उनकी 'नारी शक्ति' के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।"उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को देश से झूठ बोलना बंद करना चाहिए और 2023 के कानून के तहत मौजूदा 543 लोकसभा सीटों में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण तत्काल लागू करना चाहिए। साथ ही परिसीमन विधेयकों और महिला आरक्षण विधेयक को मिलाने से बचना चाहिए तथा देश को यह कहना बंद करना चाहिए कि यह "नारी शक्ति वंदन अधिनियम" में संशोधन था।

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस हमेशा सुधारों के पक्ष में रही है। पार्टी ने हरित क्रांति और श्वेत क्रांति के माध्यम से कृषि और दुग्ध क्षेत्र को मजबूत किया, अंतरिक्ष केंद्र की स्थापना की, भारत को परमाणु शक्ति बनाया तथा 1991 में अर्थव्यवस्था का उदारीकरण किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आरटीआई, आरटीई, खाद्य सुरक्षा अधिनियम और मनरेगा जैसे महत्वपूर्ण कानून बनाए, जबकि वर्तमान सरकार ने इन्हें कमजोर किया है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने महिलाओं के पक्ष में कई ऐतिहासिक कानून बनाए, जिनमें हिंदू कोड बिल, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न विरोधी कानून, घरेलू हिंसा कानून और न्यायमूर्ति वर्मा समिति की सिफारिशों के आधार पर आपराधिक कानूनों में सुधार शामिल हैं।

श्री खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा का रवैया और कार्य दोनों ही महिलाओं के खिलाफ रहे हैं। उन्होंने कहा कि हाथरस, उन्नाव और हरियाणा की महिला पहलवानों के मामलों पर सरकार के पास जवाब नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपनी ही पार्टी के आरोपितों को संरक्षण दिया, बिलकिस बानो मामले के दोषियों को रिहा किया और अपराधियों का सम्मान किया गया। उन्होंने कहा कि एनसीआरबी के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं के खिलाफ अपराध भाजपा शासित राज्यों में अधिक हैं।

उन्होंने कहा कि साढ़े 12 वर्ष सत्ता में रहने के बावजूद, अंतरराष्ट्रीय संकट, महंगाई, गिरती अर्थव्यवस्था, कमजोर होता रुपया और जनता की परेशानियों के बीच प्रधानमंत्री के पास देश को देने के लिए कोई ठोस योजना नहीं थी और उन्होंने केवल राजनीतिक भाषण दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बावजूद प्रधानमंत्री ने अपनी असफलताओं, वादाखिलाफी और उदासीनता के लिए विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस को दोषी ठहराया।

अंत में, श्री खरगे ने कहा कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ देश को बांटने की राजनीति करते हैं और उनकी विचारधारा संविधान के बजाय विभाजन को बढ़ावा देती है।

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