पटना , मार्च 28 -- बिहार राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि काम पर लौटे अधिकारियों को धमकाने या बाधा पहुंचाने वाले किसी भी संघ नेता या पदाधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।

विभाग के प्रधान सचिव सी.के. अनिल ने सभी जिलाधिकारियों को पत्र जारी कर निर्देश जारी करते हुए कहा है कि ऐसे मामलों में तत्काल प्राथमिकी दर्ज की जाए। सरकार ने इसे न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन, बल्कि आपराधिक कृत्य माना है।

विभाग को मिली शिकायतों के अनुसार, हड़ताल पर गए कुछ अधिकारी काम कर रहे अपने सहयोगियों को व्हाट्सएप कॉल के जरिए धमका रहे हैं और सोशल मीडिया पर 'नेमिंग एंड शेमिंग' कर मानसिक दबाव बना रहे हैं। विभाग ने इसे सरकारी कार्य में बाधा डालने की गंभीर कोशिश करार दिया है।

प्रधान सचिव ने निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 132, 351, 352, 126, 127, 349, 350 और 195 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। इसके साथ ही आईटी एक्ट, 2000 की धारा 67 के तहत भी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है।

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