रांची , अप्रैल 28 -- झारखंड हाईकोर्ट से हजारीबाग वन भूमि घोटाला मामले के आरोपी पूर्व उपायुक्त विनय चौबे को बड़ा झटका लगा है।
न्यायमूर्ति एआर चौधरी की अदालत ने आज उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी है।
इससे पहले अदालत ने गुरुवार को सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। करीब 11 महीने से जेल में बंद विनय चौबे को फिलहाल राहत नहीं मिली है।
मामले में एसीबी ने कांड संख्या 11/2025 दर्ज किया है। आरोप है कि हजारीबाग में उपायुक्त रहते हुए विनय चौबे ने सेवायत (वन) भूमि की अवैध खरीद-बिक्री में भूमिका निभाई।
बताया गया है कि अधिकारियों और खरीदार विनय सिंह के साथ मिलकर नियमों के विरुद्ध जमीन का मालिकाना हक बदलवाया गया।
वन संरक्षण अधिनियम के तहत केंद्र सरकार की अनुमति के बिना वन भूमि का उपयोग गैर-वानिकी कार्यों के लिए नहीं किया जा सकता है। जांच में इस नियम के उल्लंघन के आरोप सामने आए हैं।
मामला सामने आने के बाद वर्ष 2013 में ही संबंधित अवैध जमाबंदियों को रद्द कर दिया गया था, जिसे राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने भी सही ठहराया था। प्रारंभिक जांच के बाद एसीबी ने 25 सितंबर 2025 को सरकार से अनुमति लेकर प्राथमिकी दर्ज की थी।
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