हजारीबाग , फरवरी 21 -- झारखंड के हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र अंतर्गत मनातू-डुमरी मार्ग पर शनिवार को हुए एक हादसे में मिलर वाहन के ऑपरेटर उमेश यादव की मौत हो गई।
यह दुर्घटना आज दोपहर करीब 12:30 से 1:00 बजे के बीच पीसी-2ए/बी (टीआर-84 से 89) के बीच हुई बताई जा रही है।
पुलिस सूत्रों ने आज बताया कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन का पंजीकरण संख्या एनएल01-एडी-0135 है। वाहन पीसी 2ए/भी (टीआर-84) से गोपदा की ओर जा रहा था, इसी दौरान यह हादसा हुआ। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और स्थानीय लोगों की मदद से सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई।
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार उमेश यादव ने कुछ दिन पहले ही ऑपरेटर के रूप में काम शुरू किया था। नौकरी शुरू करने के कुछ ही दिनों बाद हुई इस घटना से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वे विवाहित थे और उनके परिवार में एक बेटा और एक बेटी हैं। उनका स्थायी पता सिकरी मोड़, सिमरिया, जिला चतरा (झारखंड) बताया गया है।
घटना के बाद कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार दुर्घटना के समय मृतक के पास आवश्यक सुरक्षा उपकरण मौजूद नहीं थे। इसको लेकर यह चर्चा तेज है कि काम के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन किस हद तक कराया जा रहा था।
जानकारी के मुताबिक मृतक एनटीपीसी लिमिटेड की परियोजना से जुड़ी ठेका कंपनी एलएंडटी के तहत कार्यरत था, जो क्षेत्र में कन्वेयर बेल्ट लगाने का कार्य कर रही है। स्थानीय लोगों और श्रमिकों का कहना है कि परियोजना क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
घटना के बाद लोगों ने मामले की जांच कराने और पीड़ित परिवार को उचित सहायता व मुआवजा देने की मांग की है।
प्रशासन ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दुर्घटना के कारणों की पड़ताल की जाएगी।
यह हादसा औद्योगिक परियोजनाओं में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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