हजारीबाग , दिसंबर 29 -- झारखंड के हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र अंतर्गत जीटी रोड एक बार फिर भीषण सड़क हादसों की गवाह बनी।

सोमवार को प्रखंड क्षेत्र में अलग-अलग दो सड़क दुर्घटनाओं में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने एनएचएआई और सड़क चौड़ीकरण में लगी निर्माण कंपनी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पहली घटना दनुआ घाटी के खतरनाक ढलान और तीखे मोड़ के समीप हुई, जहां एक ही मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक बिहार के गया जिला अंतर्गत बाराचट्टी थाना क्षेत्र के पड़रिया गांव जा रहे थे। अचानक बाइक अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में सुमित कुमार, पिता संजू सिंह की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि राजा कुमार, पिता रंजीत सिंह एवं लक्की कुमार, पिता उपेंद्र सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को एनएचएआई एंबुलेंस की सहायता से चौपारण सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए रेफर कर दिया गया।

दूसरी घटना बहेरा मोड़ के पास हुई, जहां लोकनायक जयप्रकाश नेत्र अस्पताल बहेरा से इलाज कराकर लौट रहे हेमराज यादव, पिता रोहन यादव, निवासी लारा लुटूदाग, थाना राजपुर, जिला चतरा को एक तेज रफ्तार वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना पर नेत्र अस्पताल के प्रबंधक संतोष पूरी ने एनएचएआई और सड़क निर्माण कार्य में लगी कंपनी को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि बहेरा मोड़ के पास स्पीड ब्रेकर और सुरक्षा संकेतक लगाने की मांग कई बार की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। जबकि इसी मार्ग से प्रतिदिन हजारों स्कूली बच्चे और नेत्र रोगी आवागमन करते हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हर वर्ष दिसंबर के अंतिम दिनों में दनुआ घाटी में सड़क दुर्घटनाओं का आंकड़ा तेजी से बढ़ जाता है। इसके बावजूद एनएचएआई की उदासीनता लगातार लोगों की जान ले रही है। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर कब तक आम लोग इस लापरवाही की कीमत अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे।

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