नयी दिल्ली , फरवरी 03 -- लोकसभा में मंगलवार को भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर विपक्ष के भारी हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही दो बजे तक स्थगित कर दी गयी।

एक बार स्थगन के बाद बारह बजे दोबारा सदन की कार्यवाही शुरू हुयी तब विपक्षी सदस्य सदन के बींचोबीच आकर नारेबाजी करने लगे। पीठासीन अधिकारी कृष्ण प्रसाद तेन्नेटी ने हंगामे और नारेबाजी के बीच जरूरी कागजात सदन के पटल पर रखवाये। उन्होंने कहा कि आप सदन में तख्तियां नहीं लेकर आ सकते हैं, यह उचित नहीं है। उन्होंने सदस्यों को शांत करने का बार-बार आग्रह किया लेकिन जब हंगामा नहीं थमा तब सदन की कार्यवाही को दो बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया।

इससे पहले भारत-अमेरिका व्यापार को लेकर की गयी घोषणा और वाराणसी में अहिल्या बाई होल्कर की प्रतिमा कथित रूप से खंडित किये जाने के मामले के हंगामा किये जाने के कारण लोकसभा की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी।

पूर्वाह्न 11 बजे प्रश्न काल शुरू होते ही कांग्रेस के सदस्य भारत-अमेरिका व्यापार को लेकर की गयी घोषणा को लेकर हंगामा करने लगे और सदन के बीचोंबीच आ गये। अमेरिकी उत्पादों पर भारत की ओर से आयात शुल्क शून्य किये जाने और कृषि क्षेत्र को अमेरिका के लिए खोले जाने के विरोध में नारे लगाते हुए शोर शराबा करने लगे। कांग्रेस सदस्यों के साथ द्रमुक और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार) के सदस्यों ने भी नारेबाजी और शोरशराबा किया।

समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने वाराणसी में मणिकर्णिका घाट स्थित अहिल्या बाई होल्कर की प्रतिमा को कथित रूप से खंडित किये जाने को लेकर हंगामा किया और नारेबाजी की। वे अहिल्या बाई होल्कर का चित्र भी हाथों में लिए थे। सपा सदस्य सदन के बीचोंबीच आ गये और जोरदार हंगामा किया।

इस बीच अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रश्न काल चलाने की कोशिश की और सवाल पूछने के लिए एक सदस्य का नाम पुकारा। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जवाब देना भी शुरू किया लेकिन शोरशराबे और हंगामे के कारण कुछ सुनायी नहीं दिया।

श्री बिरला ने शोरशराबा कर रहे सदस्यों से प्रश्न काल चलने देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि प्रश्न काल महत्वपूर्ण होता है। सदस्य जनता के हितों से जुड़े सवाल पूछते हैं और सरकार जवाब देती है। नियोजित तरीके से नारेबाजी करना उचित नहीं है। राष्ट्रपति के अभिभाषण के धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा हो रही है और उसके बाद बजट पर चर्चा होनी है। सभी को यहां अपनी बात रखने का मौका मिलेगा। वह सभी सदस्यों को पर्याप्त समय देंगे।

उन्होंने कहा कि सदन को चलने दें। हंगामा कर रहे विपक्षी सदस्यों पर श्री बिरला की अपील का कोई असर नहीं हुआ, वे शोरशराबा और हंगामा करते रहे, इस पर अध्यक्ष ने कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित