पटना , फरवरी 16 -- बिहार विधान परिषद में सोमवार को राज्य में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं और आधारभूत संरचना परियोजनाओं को लेकर सरकार ने विस्तृत स्थिति स्पष्ट की और निर्दलीय पार्षद महेश्वर सिंह के तारांकित प्रश्न पर मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने स्वीकार किया कि सड़क हादसों में वृद्धि हुई है, लेकिन इसे नियंत्रित करने के लिये व्यापक स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।
मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिये रोड मार्किंग, रोड साइनेज, गति संकेतक और जेब्रा क्रॉसिंग जैसे सुरक्षा उपायों को तेजी से लागू किया गया है। वर्ष 2021- 24 के दौरान चिन्हित 1,044 ब्लैक स्पॉट में से 931 पर सुधारात्मक कार्य पूरे कर लिये गये हैं, जबकि शेष 113 स्थलों पर कार्रवाई जारी है। सड़क सुरक्षा अंकेक्षण के तहत पथ निर्माण विभाग की 22,130 किलोमीटर सड़कों में से 17,367 किलोमीटर और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन 3,322 किलोमीटर में से 3,253 किलोमीटर सड़कों का ऑडिट पूरा किया जा चुका है।
कांग्रेस के मदन मोहन झा की ओर से पटना के अटल पथ को देश की असुरक्षित सड़कों की सूची में शामिल किये जाने के मुद्दे पर मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि इसका निर्माण आर. ब्लॉक चौराहा से दीघा तक सीधी संपर्कता प्रदान करने के उद्देश्य से सभी मानकों का पालन करते हुये किया गया है।
उन्होंने बताया कि अटल पथ पर दुर्घटना रोकथाम के लिये जगह- जगह गति सीमा संकेतक लगाये गये हैं। यातायात को सुगम बनाने के लिये अंडरपास, फुटओवरब्रिज, स्पीड ब्रेकर और सर्विस लेन हेतु साइन बोर्ड की व्यवस्था की गई है। बेलीरोड, शिवपुरी, राजीव नगर और अशोक राजपथ पर फ्लाईओवर बनाये गये हैं, जिनसे सर्विस पथ की संपर्कता बहाल की गई है। एमएलसी क्वार्टर, पुनाईचक, महेशनगर और कुर्जी नाला में पैदल यात्रियों के लिये फुट- ओवरब्रिज की सुविधा दी गई है।
जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के नीरज कुमार के अल्पसूचित प्रश्न पर मंत्री श्री जायसवाल ने बताया कि राज्य सरकार की सात निश्चय-3 योजना के तहत बेहतर संपर्कता के लिये पांच नये एक्सप्रेस- वे निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। सभी परियोजनायें भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीन हैं।
उन्होंने बताया कि पटना- पूर्णिया, गोरखपुर- सिलीगुड़ी, रक्सौल- हल्दिया और वाराणसी- कोलकाता मार्गों को स्वीकृति मिल चुकी है। बक्सर- भागलपुर समेत सभी परियोजनाओं के लिये विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) के लिये परामर्शी नियुक्त किये जा चुके हैं और भू- अर्जन की प्रक्रिया जारी है। वाराणसी- कोलकाता राजमार्ग का कार्य सात पैकेज में किया जायेगा। पथ निर्माण विभाग के सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति अन्य राज्यों के एक्सप्रेस- वे मॉडल का अध्ययन कर रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कुमार नागेंद्र के प्रश्न के जवाब में मंत्री दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग- 22 का निर्माण और संधारण एनएचएआई द्वारा किया जा रहा है। अंडरपास निर्माण से संबंधित डीपीआर तैयार करने के लिये सलाहकार नियुक्ति का प्रस्ताव एनएचएआई को भेजा जा चुका है और इस पर जल्द कार्य प्रारंभ होने की संभावना है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित