रायपुर, अप्रैल 02 -- छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े एक गंभीर फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है, जहां एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को स्वास्थ्य सचिव का करीबी बताकर निजी अस्पताल संचालकों को धमकाते हुए पैसों की मांग की।

प्रकरण के संज्ञान में आने के बाद स्वास्थ्य सचिव अमित कटारिया ने पुलिस को लिखित शिकायत देकर मामले में एफआईआर दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, आरोपी अस्पताल संचालकों से संपर्क कर स्वयं को "अजय अग्रवाल" बताता था और यह दावा करता था कि उनके संस्थान के खिलाफ मंत्रालय स्तर पर शिकायत लंबित है। इसके बाद वह जांच या कार्रवाई से बचाने के नाम पर आर्थिक लाभ की मांग करता था।

आरोपी ने कई मामलों में अस्पताल प्रतिनिधियों को मंत्रालय बुलाकर भ्रम की स्थिति भी बनाई। संबंधित व्यक्तियों को परिसर के बाहर ही रोककर यह कहा जाता था कि अधिकारी व्यस्त हैं, जिससे उसकी बातों पर विश्वास कायम हो सके।

इस मामले में प्रदेश के कई प्रमुख निजी अस्पतालों के संचालकों ने इस तरह के फोन कॉल और दबाव की जानकारी दी है। प्रारंभिक जांच में स्पष्ट हुआ है कि स्वास्थ्य विभाग या सचिवालय में "अजय अग्रवाल" नाम का कोई अधिकृत अधिकारी या कर्मचारी पदस्थ नहीं है।

स्वास्थ्य सचिव ने इसे विभाग की छवि धूमिल करने और ठगी का सुनियोजित प्रयास बताते हुए पुलिस प्रशासन से तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है।

स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों और संबंधित संस्थानों को सतर्क रहने की सलाह जारी की है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या व्यक्ति के संपर्क में आने पर तत्काल पुलिस को सूचित किया जाए।

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