रांची , दिसम्बर 21 -- झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी द्वारा डॉ नुसरत को झारखंड में तीन लाख रुपये वेतन की नौकरी, मनपसंद स्थान पर नियुक्ति, आवास और सुरक्षा सहित तमाम सुविधाएं देने की घोषणा के बाद राज्य की राजनीति में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।

इस बयान को लेकर विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि सत्तारूढ़ दल ने इसे मंत्री का निजी बयान बताकर पल्ला झाड़ लिया है।

राज्य के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा नेता भानु प्रताप शाही ने हेमंत सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि झारखंड में नियोजन नीति स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि सरकार ने स्पष्ट नीति नहीं बनाई तो इरफान अंसारी जैसे मंत्री "मजहबी नियोजन नीति" पर काम करेंगे, जिससे राज्य के आदिवासी और मूलवासी युवाओं के हक पर असर पड़ेगा। शाही ने कहा कि झारखंड के युवा छात्र-छात्राओं के लिए एक सशक्त और पारदर्शी नियोजन नीति लागू करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता मिल सके।

भाजपा नेताओं ने इस मुद्दे को राज्य के युवाओं के भविष्य से जोड़ते हुए सरकार से जवाब मांगा है और कहा है कि इस तरह की घोषणाएं संवैधानिक प्रक्रिया और तय मानकों के अनुरूप नहीं हैं।

वहीं, इस पूरे मामले पर सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) ने स्पष्ट किया है कि स्वास्थ्य मंत्री डॉ इरफान अंसारी का बयान उनका व्यक्तिगत विचार है। पार्टी की ओर से कहा गया कि सरकार ने इस संबंध में कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया है और न ही इस तरह की विभागीय स्तर पर मंजूरी दी गई है।

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