भोपाल , मार्च 3 -- मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्वस्थ प्रदेश ही समृद्ध प्रदेश की आधारशिला है और राज्य सरकार स्वास्थ्य अधोसंरचना के विस्तार, गुणवत्तापूर्ण उपचार सुविधाओं की उपलब्धता तथा चिकित्सा शिक्षा के सुदृढ़ीकरण के लिए सुनियोजित प्रयास कर रही है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए 23 हजार 747 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि शहरी और दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों सहित प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को समयबद्ध और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत 4,600 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण तथा रोग नियंत्रण कार्यक्रमों को सुदृढ़ किया जाएगा। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, उप स्वास्थ्य केंद्रों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन और भवन निर्माण के लिए भी पर्याप्त बजट निर्धारित किया गया है। आशा कार्यकर्ताओं के प्रोत्साहन तथा श्रमिक सेवा प्रसूति सहायता योजना के लिए भी राशि निर्धारित की गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले दो वर्षों में पांच नए शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय प्रारंभ किए गए हैं और एमबीबीएस तथा स्नातकोत्तर सीटों में वृद्धि हुई है। जिला एवं सिविल अस्पतालों के सुदृढ़ीकरण, नवीन चिकित्सा महाविद्यालयों के निर्माण तथा नर्सिंग कॉलेजों की स्थापना के लिए भी बजट प्रावधान किया गया है।

प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत प्रदेश में करोड़ों आयुष्मान कार्ड जारी किए जा चुके हैं और बड़ी संख्या में शासकीय एवं निजी अस्पताल संबद्ध हैं। आयुष्मान योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा क्षेत्र में मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण के लिए चिकित्सक एवं नर्सिंग पदों पर भर्ती की प्रक्रिया जारी है। साथ ही आयुर्वेद महाविद्यालयों की स्थापना और डिजिटल स्वास्थ्य पहल को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।

डॉ यादव ने विश्वास व्यक्त किया कि अधोसंरचना विस्तार, मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।

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